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क्रॉनिक डिजीज से प्रभावित एक व्यक्ति की मौत,समय पर उपचार लेंगे तो नहीं बिगड़ेगी स्थिति

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acn18.com बालकोनगर / ठंड के मौसम में निमोनिया का खतरा बच्चों और उम्रदराज लोगों में बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर व्यक्तियों के फेफड़ों पर होता है और हालात बिगड़ने पर निमोनिया के असर से उनकी मौत भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि स्वास्थ्य बिगड़ने पर घरेलू उपचार लेने की वजह सीधे डॉक्टर से संपर्क करें वरना लेने के देने पड़ सकते हैं।

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बालकोनगर क्षेत्र के रहने वाले 34 वर्षीय लक्ष्मी नारायण सहिस की हाल में ही निमोनिया से मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उसका उपचार चल रहा था। हॉस्पिटल सुपरिंटेंडेंट डॉ गोपाल कंवर ने बताया कि मुख्य रूप से तीन कारणों से निमोनिया होता है। लंबे समय से सर्दी खांसी होने पर पीड़ित के फेफड़ों पर प्रभाव पड़ता है।

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बताया गया कि ठंड के मौसम में निमोनिया का खतरा बच्चों और उम्र दराज लोगों पर होता है। इसलिए जरूरत इस बात की है की लक्षण नजर आने के साथ ध्यान दिया जाए ऐसा होने पर हालत गंभीर नहीं होंगे और व्यक्ति की जान बचाई जा सकेगी। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मृत्यु हुई लक्ष्मी नारायण सहित के बारे में प्रतिवेदन मिलने पर अस्पताल चौकी ने मर्ग कायम किया। मौसम बदलने के साथ निमोनिया का खतरा कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। ऐसे में किसी भी वजह से लोगों को उपेक्षा बरतने से बचना होगा। लोग अगर चिकित्सकों की सलाह पर अमल करते है तो उनके रुपये भी बचेंगे और टेंशन भी कम होगा।

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