कोरबा।दीपका नगर पालिका परिषद जिला कोरबा में स्ट्रीट लाइट के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट और सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश जायसवाल ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर लगभग 84 लाख रुपये के इस टेंडर में भारी भ्रष्टाचार अधिकारियों की मिलीभगत और घटिया निर्माण कार्य की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है ।
शिकायत के अनुसार ठेकेदार और नगर पालिका के इंजीनियरों और अधिकारियों की साठगांठ से निविदा की शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया गया है
कमजोर नींव (No PCC):- नियमों के विरुद्ध खंभों के आधार में कंक्रीट (PCC) नहीं डाला जा रहा है जिससे तेज हवा या बारिश में पोल गिरकर जान-माल की हानि कर सकते हैं ।घटिया क्वालिटी के पोल:- मानक के अनुसार जिस गुणवत्ता एवं भार पोल लगने थे उसकीकी जगह हल्के भार एवं घटिया क्वालिटी का बिना कोटिंग वाला पोल लगाया जा रहा है । ब्रांडेड लाइटों की निविदा में ब्रांडेड 100 वॉट की लाइटों की जगह मात्र 50-70 वॉट की सस्ती नॉन-ब्रांडेड लाइटें लगाई जा रही हैं ।केबल को निर्धारित 40-90 सेमी की गहराई के बजाय केवल 10 सेमी पर दबाया जा रहा है साथ ही करंट से बचाव के लिए जरूरी अर्थिंग और MCCB सुरक्षा उपकरण गायब हैं जिससे भविष्य में बड़े हादसों का खतरा है ।
पार्षद कमलेश जायसवाल ने आरोप लगाया है कि इस पूरे कार्य में निविदा राशि का लगभग 30-40% हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उल्लंघन है ।
पार्षद ने छत्तीसगढ़ लोक आयोग अधिनियम 2002 की धारा 9 के तहत इस मामले की प्रारंभिक और पूर्ण जांच की मांग की है उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई ठेका रद्दीकरण और धन की वसूली नहीं की गई तो वे इस लड़ाई को आगे तक ले जाएंगे ।
पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू ये है कि जब उक्त पूरे मामले की शिकायत से पूर्व पार्षद कमलेश जायसवाल ने गुणवत्ता एवं मात्रा के संबंध में नगर पालिका इंजीनियर से लिखित में जानकारी मांगी तो इंजीनियर सिरिल भास्कर पापुला ने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से मना कर दिया।
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है युवा कांग्रेस प्रदेश कमेटी के प्रदेश सचिव तनवीर अहमद ने प्रशासन और सरकार से इस कार्य की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है उन्होंने यह भी कहा है कि यह किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है बल्कि पूरे दीपका की जनता के हक की बात है 84 लाख रुपये की राशि छोटी नहीं होती और यदि इस राशि का उपयोग घटिया पोल और केवल वार के लिए किया जा रहा है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए अगर प्रशासन ने दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं की तो हम चुप नहीं बैठेंगे और पूरी नगर पालिका परिषद का घेराव करें
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