
असम में बीएसएफ की 66वीं बटालियन में पदस्थ बतौली क्षेत्र के जवान कमलेश केरकेट्टा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से उनके परिवार और गांव में शोक की लहर है, कैंप से लापता होने के दो दिन बाद उनका शव मिला।
असम में बीएसएफ की 66वीं बटालियन में पदस्थ बतौली क्षेत्र के जवान कमलेश केरकेट्टा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से उनके परिवार और गांव में शोक की लहर है। कैंप से लापता होने के दो दिन बाद उनका शव करीब एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में मिला। मंगलवार 11 अगस्त को जवान का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम कपाटबहरी लाया गया, जहां बीएसएफ अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और आसपास के लोग मौजूद रहे।
रात्रिकालीन ड्यूटी से लौटने के बाद हुए थे लापता
कमलेश केरकेट्टा वर्ष 2012-13 से बीएसएफ में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में वे असम के डोबरी गांव के किस्तापड़ा स्थित बीएसएफ की 66वीं बटालियन कैंप में पदस्थ थे। जानकारी के अनुसार 6 अगस्त की रात करीब 12 बजे रात्रिकालीन ड्यूटी से लौटने के बाद वे कुछ समय पश्चात कंपनी कैंप से लापता हो गए।
जवान के नहीं मिलने पर बीएसएफ अधिकारियों और जवानों ने उनकी तलाश शुरू की। 7 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे कंपनी कमांडर ने उनकी पत्नी ममता केरकेट्टा को जवान के लापता होने की सूचना दी और खोजबीन जारी होने की जानकारी दी।
दो दिन बाद कैंप से एक किलोमीटर दूर मिला शव
लगातार तलाश के दौरान शनिवार 8 अगस्त दोपहर करीब 2 बजे कैंप से लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना बीएसएफ अधिकारियों को मिली। शव की पहचान तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद जवान की पत्नी ममता केरकेट्टा ने बताया कि कमलेश के हाथ में पहचान के लिए एक विशेष काला निशान था।
शव के हाथ में वही निशान मिलने के बाद उसकी पहचान कमलेश केरकेट्टा के रूप में हुई। हालांकि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीएसएफ अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
मंगलवार सुबह बीएसएफ अधिकारी और जवान कमलेश केरकेट्टा का पार्थिव शरीर लेकर उनके गृहग्राम कपाटबहरी पहुंचे। यहां बीएसएफ की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और आसपास के क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। जवान की असामयिक मौत से पूरे बतौली क्षेत्र में शोक का माहौल है।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक जवान की पत्नी द्वारा अधिकारियों से मौत के कारणों को लेकर जानकारी मांगे जाने पर उन्हें बताया गया कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, परिजनों और ग्रामीणों ने जवान की मौत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की है।






