कोरबा / घंटाघर:अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारियों का आंदोलन कोरबा में 21वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी है। जिला प्रशासन द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाध्यक्ष को निलंबित करने और 175 हड़ताली पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाने के बावजूद पटवारियों के हौसले बुलंद हैं। मंगलवार को भी सभी हड़ताली पटवारी घंटाघर धरना स्थल पर डटे रहे और शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी।

प्रशासन एक्शन मोड में: जिलाध्यक्ष निलंबित, 175 को नोटिस
पटवारियों की इस लंबी हड़ताल के कारण आम जनता के आय, जाति, निवास और भूमि-सुधार जैसे तमाम राजस्व संबंधी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही, आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी व्यवस्था पर भी गंभीर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। रविवार को कोरबा में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर कलेक्टर ने सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत निलंबित कर दिया। इसके अलावा कोरबा जिले के 175 हड़ताली पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
“दमनात्मक कार्रवाई से नहीं झुकेगा संघ”
सोमवार को कार्यालयीन समय की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी किसी भी पटवारी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही कोई काम पर लौटा। इसके उलट, धरना स्थल पर सभी पटवारियों ने एकजुट होकर प्रशासन की इस कार्रवाई को ‘दमनात्मक नीति’ करार दिया।
संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पटवारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करते हैं, लेकिन सरकार जायज मांगों को सुनने के बजाय डराने-धमकाने पर उतारू है। जिलाध्यक्ष पर की गई कार्रवाई को पूरे संघ पर प्रहार बताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार जितनी बड़ी कार्रवाई करेगी, आंदोलन उतनी ही अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा। संघ का आरोप है कि सरकार बिना पटवारियों के रकबा अपडेट किए धान खरीदी प्रभावित करना चाहती है।
पटवारियों की 4 प्रमुख मांगें
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पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
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वर्ष 2017 के वेतन संशोधन से उत्पन्न वेतन विसंगति को दूर किया जाए।
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पीवी ऐप (PV App) की जगह डीसीएस (DCS) के माध्यम से त्रुटिरहित गिरदावरी कराई जाए।
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आंदोलन के दौरान की गई सभी प्रकार की निलंबन, ट्रांसफर और नोटिस की कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए।





