
कोरबा : कोरबा के बालको स्थित मिनीमाता स्कूल में भारत विकास परिषद, कोरबा शाखा द्वारा एक गरिमामय ‘गुरु वंदन छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य की पावन परंपरा को जीवंत करते हुए, विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों की आरती उतारी और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जीवन में गुरु के महत्व और उनकी सीख पर अमल करने का संदेश दिया।

कोरबा के बालको स्थित मिनीमाता स्कूल का प्रांगण भारतीय संस्कृति और आस्था के रंगों में सराबोर नजर आया। मौका था भारत विकास परिषद, कोरबा शाखा द्वारा आयोजित ‘गुरु वंदन छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम का। इस अवसर पर स्कूल के विद्यार्थियों ने पूरे विधि-विधान और आदर भाव से अपने गुरुओं की आरती उतारी, उनका तिलक कर अभिनंदन किया और झुककर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु और शिष्य के इस पवित्र संबंध ने वहां मौजूद हर शख्स को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार कुदेशिया और कोरबा शाखा के प्रमुख कमलेश यादव ने संबोधन में भारत विकास परिषद द्वारा समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। गुरु की महिमा का बखान करते हुए वक्ताओं ने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने गुरुओं द्वारा दी गई सीख और संस्कारों को जीवन में अपनाएं, क्योंकि गुरु का मार्गदर्शन ही सफलता और चरित्र निर्माण का सही मार्ग दिखाता है। इस गरिमामय आयोजन को सफल बनाने में भारत विकास परिषद कोरबा शाखा के सचिव दीपक सिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष प्रेम रामचंदानी, संस्कार प्रमुख विष्णु शंकर मिश्रा और सक्रिय कार्यकर्ता श्रीमती अंजना सिंह सहित परिषद के अन्य पदाधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और शिक्षकों-छात्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

आज के आधुनिक दौर में जहां संस्कार लुप्त होते जा रहे हैं, वहीं भारत विकास परिषद की यह पहल बच्चों में गुरु के प्रति आदर और भारतीय संस्कारों को पुनर्जीवित करने का एक सराहनीय प्रयास है।





