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एक एकड़ के तालाब से आत्मनिर्भरता की राह, जाल ने बढ़ाई उम्मीद

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शासन का सहयोग बना संबल, मछली पालन से मजबूत होगी अशोक की आजीविका

मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते अशोक नेताम, शासन से मिला सहयोग

सेवा सेतु शिविर में राज्य पोषित योजना से हितग्राही अशोक नेताम को मिला मछली पकड़ने का जाल

रायपुर, 07 अक्टूबर  2026

 एक एकड़ के तालाब से आत्मनिर्भरता की राह, जाल ने बढ़ाई उम्मीद

मेहनत और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे विकासखण्ड देवभोग के ग्राम खोकसारा निवासी अशोक नेताम के लिए सेवा सेतु शिविर में मिला मछली पकड़ने का जाल उनके मछली पालन व्यवसाय को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोग साबित हुआ है। अशोक नेताम पिछले दो वर्षों से अपने एक एकड़ के निजी तालाब में मछली पालन कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। सीमित संसाधनों के कारण मछली पालन से जुड़ी गतिविधियों में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मछली पकड़ने के लिए आवश्यक जाल की व्यवस्था भी उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ थी। ग्राम खोकसारा में आयोजित सेवा सेतु शिविर में मछली पालन विभाग द्वारा राज्य पोषित योजना के अंतर्गत हितग्राही अशोक नेताम को मछली पकड़ने का जाल प्रदान किया गया। प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने उन्हें जाल प्रदान किया। सहायता मिलने के बाद अब अशोक को मछली पकड़ने के लिए आवश्यक उपकरण की सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे उनके मछली पालन कार्य को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

अशोक नेताम ने बताया कि पहले उन्हें मछली पकड़ने के लिए जाल की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ती थी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। अब विभाग से जाल मिलने के बाद मछली पालन का काम पहले की अपेक्षा आसान हुआ है। इससे वे अपने निजी तालाब में मछली पालन को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने और अपनी आजीविका को मजबूत करने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की सहायता से छोटे स्तर पर आजीविका चला रहे मछली पालकों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मछली पालकों को आवश्यक तकनीकी एवं सामग्री संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पात्र हितग्राही अपने क्षेत्र के मत्स्य निरीक्षक, सहायक संचालक मत्स्योद्योग या संबंधित मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क कर उपलब्ध योजना, पात्रता और सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के अनुसार पात्र हितग्राही निर्धारित आवेदन पत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। विभाग द्वारा दस्तावेजों एवं पात्रता का परीक्षण किए जाने के बाद स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाती है और पात्र हितग्राही को योजना के प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

अशोक नेताम की कहानी बताती है कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय भी उचित संसाधन और शासन के सहयोग से आगे बढ़ सकता है। एक एकड़ के निजी तालाब से पिछले दो वर्षों से आजीविका अर्जित कर रहे अशोक के लिए जाल मिलना केवल एक उपकरण प्राप्त करना नहीं, बल्कि मछली पालन को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में मिला सहयोग है। शासन की योजनाओं से मिलने वाली ऐसी सहायता ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को मजबूत करने और हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बन रही है।

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