Home ट्रैंडिंग NGT के कार्यक्रम में पीएम मोदी बोले- भारत दुनिया को समाधान दे...

NGT के कार्यक्रम में पीएम मोदी बोले- भारत दुनिया को समाधान दे रहा है

0
7

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को विज्ञान भवन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा आयोजित ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ (The Future of Environment and Climate Dynamics) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. बता दें, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दो दिवसीय 19 और 20 सितंबर को कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रहा है.

कार्यक्रम के पहले दिन उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव भी शामिल हुए.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सदियों से भारत ने प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े मामलों में दुनिया का मार्गदर्शन किया है. इसी वैचारिक प्रतिबद्धता और अपने सांस्कृतिक अनुभवों के आधार पर, भारत अब जलवायु से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों का समाधान पेश कर रहा है और साथ ही सामूहिक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान भी कर रहा है. मुझे खुशी है कि NGT का यह सम्मेलन उसी मिशन को आगे बढ़ा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि हम सभी जानते हैं कि कार्बन उत्सर्जन की ज़िम्मेदारी अक्सर गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाली जाती रही है. ग्लोबल साउथ से मेरे कई साथी यहां मौजूद हैं. फिर भी, ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि आज भी भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत से आधे से भी कम है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने दुनिया के सामने अपनी परंपराओं और उनकी असली ताकत को पेश किया है. इसी सोच के साथ हमने पेरिस में COP21 समिट के दौरान ‘कन्वीनिएंट एक्शन: कंटिन्यूटी फॉर चेंज’ (Convenient Action: Continuity for Change) किताब लॉन्च की थी. हम दुनिया को एक साथ लाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं. चाहे ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (One Sun, One World, One Grid) का कॉन्सेप्ट हो या इंटरनेशनल सोलर अलायंस, CDRI, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस और मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) जैसी पहल, ये सभी प्लेटफॉर्म जलवायु और पर्यावरण के प्रति भारत की समर्पित प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने पर्यावरण से जुड़े हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है. हमने रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) पर बहुत जोर दिया है, जिसने पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है. भारत एकमात्र G20 देश है जिसने पेरिस में COP21 समिट में किए गए सभी वादों को तय समय से पहले ही पूरा कर लिया है. यह भारत की मज़बूती को दर्शाता है. हर पैमाने पर चाहे वह नॉन-फॉसिल फ्यूल का इस्तेमाल हो, सोलर एनर्जी की क्षमता हो, या कार्बन उत्सर्जन को कम करना हो, आज दुनिया भर में भारत के प्रदर्शन की सकारात्मक चर्चा हो रही है.

इस कॉन्फ्रेंस में पर्यावरण विशेषज्ञ, भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, जिला अदालतों के जज, अलग-अलग मंत्रालयों के सचिव, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राज्य न्यायिक अकादमियों, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों, राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियों (SEACs), राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरणों (SEIAAs), राज्य वेटलैंड प्राधिकरणों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इसमें 17 देशों के जाने-माने जज और न्यायिक प्रतिनिधि भी एक साथ आएंगे.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के चेयरपर्सन, जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करना मेरे लिए बहुत सम्मान और सौभाग्य की बात है. आपकी नेतृत्व ने पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ विकास की दिशा में भारत की यात्रा को नई गति दी है. आपकी दूरदर्शी लीडरशिप में, भारत ने कई ऐसे बड़े बदलाव लाने वाले कदम उठाए हैं जो पर्यावरण से जुड़े कामकाज में एक व्यापक नजरिए को दिखाते हैं. स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, AMRUT 2.0, नमामि गंगे, PM-KUSUM, नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, ग्रीन इंडिया मिशन और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसी पहल न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती हैं. ये पहल एक बड़े विजन को दर्शाती हैं—एक ऐसे भारत का विजन जो ज्यादा साफ-सुथरा, हरा-भरा, मजबूत और टिकाऊ हो. इसलिए, आज प्रधानमंत्री की मौजूदगी इस कॉन्फ्रेंस को खास अहमियत देती है. यह हमें याद दिलाता है कि पर्यावरण की सुरक्षा सिर्फ किसी एक संस्था या सेक्टर की जिम्मेदारी नहीं है. यह एक सामूहिक, राष्ट्रीय और वैश्विक जिम्मेदारी है.

वहीं, कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार (20 सितंबर) को होने वाले समापन सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू के साथ केंद्रीय आवास और शहरी मामलों व बिजली मंत्री मनोहर लाल, सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस पीएस नरसिम्हा, NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता शामिल होंगे. इस कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग देशों के जज, पर्यावरण विशेषज्ञ, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, जिला अदालतों के जज, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और अलग-अलग संस्थाओं व पर्यावरण निकायों के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे.

NGT के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस दुनिया के सामने मौजूद बड़ी पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगी. यह पॉलिसी बनाने और उसे लागू करने में कमियों की पहचान करने, सफल तौर-तरीकों को साझा करने और संस्थानों व स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित होगी.

दो दिन के इस कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े अहम मुद्दों पर चार टेक्निकल सेशन होंगे. इसका मकसद पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक रोडमैप तैयार करना है. NGT ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस का मकसद पर्यावरण से जुड़े न्याय और संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है. साथ ही, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विकास और न्याय के बीच के रिश्तों से पैदा हो रही बढ़ती चुनौतियों पर बातचीत को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है.

error: Content is protected !!