नई दिल्ली । दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई टाल दी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय की है। जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ ने मामले को स्थगित करते हुए अगली तारीख निर्धारित की।
ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के 16 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर ईडी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। ट्रायल कोर्ट ने शिकायत को कानून के तहत सुनवाई योग्य नहीं माना था।
इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस ओवरसीज प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को भी प्रस्तावित आरोपी बनाया गया है। ईडी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने यह मानकर कानून की गलत व्याख्या की कि निजी शिकायत से उत्पन्न अनुसूचित अपराध के आधार पर पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत दायर नहीं की जा सकती।
इससे पहले ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि यदि ट्रायल कोर्ट की व्याख्या को बरकरार रखा गया तो पीएमएलए “निष्प्रभावी और बेमानी” हो जाएगा।









