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आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा करने वाले MP के 83 अस्पतालों पर गिरी गाज, 3.13 करोड़ का जुर्माना

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भोपाल। आयुष्मान भारत योजना में लगातार अनियमितताओं पर मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश भर के 83 अस्पतालों पर एक साथ डंडा चला है।

 

बार-बार चेतावनी के बाद भी सुधार न करने पर 15 अस्पतालों को योजना से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया, जबकि 18 अस्पतालों को पूरी तरह डी-एम्पैनल यानी ब्लैकलिस्ट कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 50 अन्य अस्पतालों पर 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपये की आर्थिक पेनल्टी लगाई गई है।

 

विशेष ऑडिट टीम की जांच में खुलासा हुआ कि कई अस्पताल मरीजों को बिना मेडिकल जरूरत के जबरन ICU में भर्ती कर भारी-भरकम पैकेज ऐंठ रहे थे। कागजों में गलत दावे, सरकारी नियमों का उल्लंघन जैसी शिकायतें सही पाई गईं।

 

भौतिक सत्यापन में रिकॉर्ड और धरातल में जमीन-आसमान का अंतर मिला। कई बड़े अस्पतालों में कागजों में दर्ज बेड की तुलना में मौके पर 30% तक कम बिस्तर मिले। यानी सिर्फ मानकों और पैकेज का लाभ लेने के लिए कागजों पर ज्यादा बेड दिखाए जा रहे थे।

 

स्वास्थ्य विभाग की विशेष ऑडिट टीम द्वारा की गई गहन जांच के बाद 50 अस्पतालों पर कुल ₹3,13,79,311 की आर्थिक पेनल्टी लगाई गई है। जांच में खुलासा हुआ कि कई अस्पताल मरीजों को बिना किसी मेडिकल जरूरत के जबरन आईसीयू (ICU) में भर्ती कर रहे थे ताकि योजना का भारी-भरकम पैकेज ऐंठा जा सकें। इसके अलावा सरकारी नियमों का उल्लंघन कर कागजों में गलत दावे पेश करने जैसी गंभीर शिकायतें भी सही पाई गईं, जिसके बाद यह वित्तीय दंड सुनाया गया।

 

इस पूरी कार्रवाई का सबसे बड़ा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिला है, जहां अकेले 25 निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसा गया। भोपाल में 4 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया, 8 अस्पतालों की सेवाएं सस्पेंड की गईं और 13 अस्पतालों पर भारी जुर्माना ठोका गया। अकेले भोपाल के इन डिफॉल्टर अस्पतालों से ₹2,11,91,492 की पेनल्टी वसूली जा रही है।

 

विभाग के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य आयुष्मान योजना का लाभ जरूरतमंद गरीब मरीजों तक ईमानदारी से पहुंचाना है। फर्जी दावों से सरकारी खजाने और मरीजों दोनों को नुकसान हो रहा था। भविष्य में भी ऐसे अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।