
बालोद जिले के रानीमाई मंदिर, तालगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से दहशत का माहौल बनाने वाले घायल भालू को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया है।
जिले के रानीमाई मंदिर, तालगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से दहशत का माहौल बनाने वाले घायल भालू को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया है। भालू के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे वीडियो
घायल भालू लगातार ग्रामीण इलाकों और मंदिर के आसपास घूम रहा था। इस दौरान उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग की टीम भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थी।
पिंजरे में कैद हुआ भालू
भालू को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग ने संभावित आवाजाही वाले स्थानों को चिन्हित कर निगरानी बढ़ाई थी। साथ ही अलग-अलग जगहों पर पिंजरे लगाए गए थे। बीती रात भालू पिंजरे में फंस गया, जिसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया।
उपचार के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गया
रेस्क्यू किए गए भालू को फिलहाल सुरक्षित उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रायपुर स्थित जंगल सफारी भेजा गया है। वन विभाग की टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखेगी और उपचार के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ने की तैयारी
वन विभाग के अनुसार, उपचार के बाद भालू के पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसके लिए उपयुक्त प्राकृतिक वन क्षेत्र का चयन किया जाएगा। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़े जाने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। भालू के रेस्क्यू से रानीमाई मंदिर समेत आसपास के गांवों में बनी दहशत अब काफी हद तक खत्म हो गई है।








