सावन के पावन महीने में छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर पूरी तरह शिवमय नजर आ रही है। शहर में जगह-जगह कांवड़ यात्राओं का सिलसिला शुरू हो गया है। धर्मप्रेमी समितियों की ओर से निकाली जा रही इन यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कांवड़ियों के ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया है।
कांवड़ियों से भगवा हुआ शहर
छठघाट तोरवा, गुरु नानक चौक, गोल बाजार समेत शहर के प्रमुख मार्गों से कांवड़ यात्राएं गुजर रही हैं। श्रद्धालु नदी और स्थानीय जलस्रोतों से पवित्र जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं।
कांवड़ियों के कंधों पर सजी कांवड़ और हाथों में लहराते भगवा ध्वज सावन की भक्ति का रंग बिखेर रहे हैं। यात्राओं में युवाओं के साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं।
नंगे पैर चलकर भोलेनाथ की आराधना
कई श्रद्धालु नंगे पैर कांवड़ यात्रा कर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। रास्तेभर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से वातावरण गूंज रहा है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह सेवा समितियों ने पानी, शरबत और जलपान की व्यवस्था की है। स्थानीय लोग भी कांवड़ियों की सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
शिव मंदिरों में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन के चलते बिलासपुर के प्रमुख शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। सुबह से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु पवित्र जल लेकर शिवालयों तक पहुंच रहे हैं और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं।
सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम
कांवड़ यात्राओं को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो और सामान्य यातायात भी सुचारू बना रहे।






