भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट

जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में डोंगा-कोहरौद गांव के ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया है। पिछले 15 वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे सैकड़ों ग्रामीण अब आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पामगढ़–लाहौद–बलौदाबाजार–रायपुर मार्ग के करीब 5 किलोमीटर हिस्से की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आए दिन हादसे हो रहे हैं। उनका दावा है कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि मुआवजा प्रकरण लंबित होने के कारण सड़क निर्माण वर्षों से अटका हुआ है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने गांव में आमरण अनशन शुरू कर दिया है और साफ चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन वर्षों से इसकी अनदेखी की जा रही है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस आंदोलन के बाद प्रशासन और सरकार कब तक इस बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण पर फैसला लेती है।



