कोरबा जिले की कोयला खदानों से प्रभावित होने वाले परिवारों ने आक्रामक रुख दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को कोरबा कलेक्टर कार्यालय के घेराव का प्रयास इसका ताजा तरीन उदाहरण है। क्षेत्रीय सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने भी कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंप कर ग्रामीणों के साथ इंसाफ करने की मांग की
Vo कोरबा जिले की खदानों से प्रभावित ग्रामीण कोरबा में उग्र आंदोलन कर रहे थे और उधर कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें समस्याओं से अवगत करा रही थी। ज्योत्सना महंत ने एक ज्ञापन भी अनुराग ठाकुर को सौप है जिसमें उन्होंने कहा है की कोरबा जिले की खदानों और प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे अनियंत्रित खनन को रोकने का प्रयास करना होगा
कोरबा सांसद ने अनुराग ठाकुर को बताया है की 1960 से लेकर अब तक 60 से अधिक गांव का अधिग्रहण कोयला खदानों के लिए किया जा चुका है यहां के लोग अपनी पुश्तैनी जमीन राष्ट्रहित में समर्पित कर दिए लेकिन उन्हें रोजगार मुआवजा और पुनर्वास के लिए अब तक भटकना पड़ रहा है ज्ञापन में बताया गया है कि सर्वेक्षण के नाम पर मनमानी की जाती है वंश वृक्ष फौती राजस्व त्रुटि सुधार के नाम पर ग्रामीणों का शोषण किया जाता है दीपिका दर्री हरदी बाजार पाली कोरबा तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार का शिकार यह ग्रामीण हो रहे हैं
श्रीमती ज्योत्सना महंत ने भूविस्थापितों और आसपास के ग्रामीणों प्रदूषण से बचाते हुए इससे फसल को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए और साथ ही प्रभावित परिवारों को बुडबड सरायपाली खदान सहित अन्य खदानों का 20% कोल ट्रांसपोर्टिंग का काम दिया जाना चाहिए
कोरबा सांसद ने खदान क्षेत्र और उसके आसपास की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर बल देते हुए कहा है कि आदिवासियों के जल जंगल जमीन का अनियंत्रित दोहन रोका जाए।




