Home KORBA सर्वमंगला क्षेत्र में आक्रोश,किया अनोखा प्रदर्शन 5 जून को सुशासन तिहार का...

सर्वमंगला क्षेत्र में आक्रोश,किया अनोखा प्रदर्शन 5 जून को सुशासन तिहार का करेंगे विरोध,दो साल से लगा रहे गुहार,बैठक के बाद भी नहीं हुआ समाधान,धूल से परेशान हैं छात्र और राहगीर

0
48

Screenshot 2026 06 02 21 42 17 40 99c04817c0de5652397fc8b56c3b3817

कोरबा।मंगलवार को सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक प्राचीन रानी गुफा एवं हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार और धूल-मिट्टी की सफाई न होने से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने आज जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम को आंदोलन की अंतिम चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि यदि दो दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 जून 2026 को खैरभवना में होने वाले सुशासन तिहार का कड़ा विरोध और सामूहिक घेराव किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे शांतिपूर्ण आवेदन, निवेदन, धरना और आंदोलन कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व रेलवे पुल निर्माण की ठेका कंपनी ने क्षेत्र के आस्था केंद्र रानी गुफा और हनुमान मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। तत्कालीन पटवारी नम्रता राजवाड़े ने स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा भी बनाया था। इसके बाद कई तहसीलदारों और तत्कालीन एसडीएम रोहित सिंह ने मौके पर आकर जीर्णोद्धार का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।

विवाद बढ़ने पर कटघोरा के वर्तमान एसडीएम तनमय खन्ना, नहर विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच कटघोरा में आधिकारिक बैठक हुई थी। अधिकारियों ने जल्द स्थायी निराकरण का भरोसा दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। इसके बावजूद प्रशासन उदासीन बना रहा। फिर आंदोलन करने पर एसईसीएल कुसमुंडा के अधिकारियों, सर्वमंगला चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद ने 23 दिसंबर 2024 को लिखित आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में सड़क से धूल-मिट्टी की सफाई और टैंकरों से छिड़काव होगा। लेकिन वह वादा भी खोखला साबित हुआ।जहा आज अनोखा प्रदर्शन किया गया सड़क पर बैठ धूल उड़ाते हुए नारेबाजी की गई।

सर्वमंगला मंदिर से सोनपुरी नहर मार्ग पर दो वर्षों से भारी मात्रा में धूल-मिट्टी जमी है। इस मार्ग का उपयोग पाली, पडनिया, सोनपुरी, खैरभवना, कनबेरी, जटराज, भलपहरी, जपेली, तरदा, भादा, रिस्दी समेत दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण रोज कोरबा आने-जाने के लिए करते हैं। धूल उड़ने से सड़क पर कुछ दिखाई नहीं देता। स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कत हो रही है और सड़क दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।

पडनिया के शिवरतन, जटराज के टिकेश्वर, पाली के संदीप, खैरभवना के जागेश्वर, कनबेरी के विमल और सोनपुरी के संतोष सहित ग्रामीणों का कहना है कि जब आस्था के केंद्र उजाड़ दिए गए और जनता धूल के गुबार में जीने को मजबूर है तो प्रशासन किस बात का सुशासन तिहार मना रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी है। ग्रामीणों ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

 

 

 

error: Content is protected !!