
आज बात एक ऐसे “ऑपरेशन” की, जिसे देखकर आप भी कहेंगे—ये रेस्क्यू था या सिस्टम का मिसयूज़?
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर से एक वीडियो वायरल हो रहा है…जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने नहीं…
बल्कि एक “फरार” तोते को पकड़ने पहुंच गई!
जी हां… आपने बिल्कुल सही सुना!
मामला है जिला मुख्यालय के OBC बॉयज हॉस्टल के पास का…जहां बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड से जुड़े एक अफसर का पालतू तोता पिंजरे से निकलकर एक ऊंचे साल के पेड़ पर जा बैठा।
अब तोता उड़ गया…लेकिन उसकी “आजादी” ज्यादा देर टिक नहीं पाई!क्योंकि उसे पकड़ने के लिए सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया गया।वायरल वीडियो में आप साफ देख सकते हैं पेड़ पर लगातार पानी की तेज बौछार की जा रही है…मानो कोई बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा हो!भीषण गर्मी… घंटों तक पानी की बारिश…
और आखिरकार…भीगकर तोता नीचे गिरता है…
और उसे पकड़कर वापस ले जाया जाता है।
लेकिन… कहानी में ट्विस्ट अभी बाकी है!
वीडियो वायरल होने के बाद जिला सेनानी मनोहर लाल चौहान सामने आते हैं…
और कहते हैं— ये कोई रेस्क्यू नहीं था… ये तो फायर वाहन का “फ्रेशर चेक” था!
और जब उनसे पूछा गया—क्या तोता उनका था?
तो जवाब मिला— “नहीं, तोता मेरा नहीं है।”
अब सवाल उठते हैं… और सीधे सिस्टम पर उठते हैं!
क्या एक तोते को पकड़ना इतना बड़ा “इमरजेंसी” था? क्या फायर ब्रिगेड का यही काम रह गया है? और अगर उसी वक्त कहीं आग लग जाती तो?
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है—
कुछ लोग हंस रहे हैं…कुछ लोग गुस्से में हैं…
लेकिन एक सवाल हर कोई पूछ रहा है—क्या एक तोते की उड़ान रोकने के लिए पूरे सिस्टम को झोंक देना सही है?फिलहाल वीडियो वायरल है…
जवाब अधूरे हैं…और सवाल अब भी कायम है।
आप क्या सोचते हैं?




