UPSC Candidate and Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने UPSC के 60 से अधिक ओबीसी कैंडिडेट्स को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा कि सरकारी ग्रुप IV नौकरी वालों की आय 8 लाख से ऊपर होने पर भी उन्हें क्रीमी लेयर में नहीं जोड़ा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार कार्मिक मंत्रालय ने 2004 में जो पत्र निकाला था, उसका पैरा 9 अब अमान्य हो गया है.
UPSC Candidate and Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने 60 से अधिक संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) के ओबीसी कैंडिडेट को बड़ी राहत दी है. इन छात्रों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया था. कोर्ट ने कहा है कि अगर माता-पिता ग्रुप IV में सरकारी नौकरी करते हैं और उनकी आय 8 लाख रुपये सालाना से ऊपर हो गई है, तो भी उन्हें क्रीमी लेयर में नहीं जोड़ा जाएगा. साथ ही ऐसे मामलों में कृषि आय को भी नहीं जोड़ा जाएगा. केवल ‘अन्य स्रोतों’ (बिजनेस, प्रॉपर्टी आदि) से परिवारिक आय (3 साल तक) ₹8 लाख या वर्ष से कम होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार कार्मिक मंत्रालय ने 2004 में जो पत्र निकाला था, उसका पैरा 9 अब अमान्य हो गया है. इसके अनुसार बैंक या प्राइवेट नौकरी वालों की सैलरी मात्र को क्रिमी लेयर नहीं माना जा सकता.
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी राहत वाली है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले पोस्ट की सरकारी ग्रुप III और IV के साथ एक्विवैलेंस (equivalence) तय किया जाएगा. तब तक केवल 1993 OM लागू रहेगा. इस निर्णय का फायदा अनेक ऐसे लोगों को मिलेगा, जिन्हें पहले क्रीमी लेयर की गलत परिभाषा के कारण ओबीसी रिजर्वेशन से बाहर रखा गया और वो नौकरी में तो हैं, लेकिन सही कैडर में नहीं हैं. ऐसे सभी मामलों में पिछले डेट (retrospectively) ये फैसला लागू होगा.




