
कोरबा . कोरबा में एक ऐसा गांव है जहां के लोग पिछले लगभग एक दशक से होली नहीं मनाते। गांव के लोगों की मान्यता है कि यदि कोई यहां होली के दिन रंग गुलाल का इस्तेमाल करता है तो उसके घर में आग लग जाती है अथवा अनिष्ट हो जाता है
कोरबा का खरहरी गांव होली की चहल-पहल से एकदम दूर है गांव में सन्नाटा है होली के पास आ जाने का कोई भी चिन्ह गांव में दिखाई नहीं देता है खरहरी गांव के लोगों ने बताया की नव वर्ष पहले होली खेलने के कारण एक घर में आग लग गई तब से यहां होली नहीं खेली जातीकिसी अन्य गांव में जाकर यदि कोई होली खेल लेता है तो उसे रंग व गुलाल गांव के बाहर ही धोकर आना पड़ता है




