रायपुर पहुंचे स्वामी गोविंद देव गिरी, बोले UP में योगी का शासन उत्तम, देश की सभी सरकारें योगी सरकार की तरह चलें

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रायपुर पहुंचे स्वामी गोविंद देव गिरी, बोले UP में योगी का शासन उत्तम, देश की सभी सरकारें योगी सरकार की तरह चलें

रायपुर। देश के प्रख्यात संत एवं राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ धर्माचार्य स्वामी गोविंद देव गिरी रायपुर प्रवास पर है। उन्होंने राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए हिन्दू राष्ट्र, शंकराचार्य विवाद, धर्मांतरण, UGC ड्राफ्ट और उत्तर प्रदेश के शासन मॉडल को लेकर अपने विचार खुलकर रखे।

हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा पर बोलते हुए स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने दो टूक कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र था, है और रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन पद्धति की जड़ें हिन्दू दर्शन में रची-बसी हैं और इसी आधार पर वे भारत को हिन्दू राष्ट्र के रूप में देखते हैं।

शंकराचार्य पद को लेकर चल रहे विवाद पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य होने पर प्रश्नचिह्न लगा है। उनके अनुसार, पुरी शंकराचार्य ने अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य स्वीकार नहीं किया है। साथ ही उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ने की घटना को अनुचित बताया। स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने यह भी कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर निर्माण का समर्थन नहीं किया और काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के उद्देश्य से विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे।

धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे इसे धर्मांतरण नहीं बल्कि “मत्तांतरण” मानते हैं। उनके मुताबिक, प्रलोभन या दबाव देकर मत परिवर्तन कराना गलत है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई पूरी तरह से उचित है।

UGC ड्राफ्ट को लेकर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस ड्राफ्ट पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना था कि यह ड्राफ्ट समाज के साथ अन्याय करने वाला है और संभव है कि केंद्र सरकार के जिम्मेदार लोगों ने इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्यूरोक्रेट्स की मिलीभगत से ऐसा ड्राफ्ट तैयार किया गया।

उत्तर प्रदेश के शासन मॉडल पर बोलते हुए स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपी में योगी का शासन उन्हें उत्तम लगता है और देश की अन्य सरकारों को भी इसी तरह का अनुशासित और सख्त प्रशासन अपनाना चाहिए। स्वामी गोविंद देव गिरी जी के ये बयान देश में चल रही वैचारिक बहस को और तेज करने वाले माने जा रहे हैं