*अब फरियाद की कोई सरहद नहीं…पीड़ित कहीं भी, कभी भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, नारायणपुर में बॉर्डरलेस पुलिसिंग लागू
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नारायणपुर। जिले में पुलिसिंग का चेहरा बदला है। बॉर्डरलेस पुलिसिंग के ज़रिये अब पीड़ित कहीं भी, कभी भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। ना थाना ढूंढना, ना सीमा का बहाना। नारायणपुर SP रोबिनसन गुड़िया ने साफ कर दिया है—पीड़ित की सुनवाई हर हाल में होगी,और अपराधियों के दिल-दिमाग में कानून का खौफ रहेगा।
नारायणपुर कभी नक्सल हिंसा और अपराध की वजह से चर्चा में रहने वाला जिला,आज पुलिसिंग के नए मॉडल की मिसाल बन रहा है। अब पुलिसिंग की कोई सीमा नहीं।पीड़ित किसी भी थाना या कैंप में,यहां तक कि फोन पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। SP रोबिनसन गुड़िया ने साफ निर्देश दिए हैं—अब कोई भी फरियादी यह सुनकर वापस नहीं जाएगा कि मामला किसी दूसरे थाना क्षेत्र का है।
SP ने बताया कि पीड़ितों के लिए न्याय हमारी पहली प्राथमिकता है। बॉर्डरलेस पुलिसिंग के तहत हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी। अपराधियों के मन में कानून का डर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि क्राइम मीटिंग में थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई—लंबित मामलों की विवेचना तय समय-सीमा में पूरी हो,गुंडा-बदमाशों की सूची अपडेट रहे,और पुलिस की विजिबिलिटी हर इलाके में दिखे।
SP ने बताया कि शाम से लेकर रात तक गश्त तेज़ है,सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है,और मुख्य मार्गों पर एमसीपी चेकिंग लगातार चल रही है। इस चेकिंग का मकसद साफ है—नक्सलियों और अपराधियों की सप्लाई चेन को तोड़ना,और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देना हैं। उन्होंने कहा कि नारायणपुर पुलिस अब सिर्फ कानून लागू नहीं कर रही,बल्कि भरोसे की पुलिसिंग गढ़ रही है।
*सप्लाई चेन पर वार, जनता को राहत*
एमसीपी चेकिंग के ज़रिये नक्सलियों और अपराधियों की सप्लाई चेन पर करारा प्रहार किया जा रहा है। पुलिस को निर्देश है कि चेकिंग में किसी भी तरह की ढील न दी जाए, लेकिन साथ ही आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाए।
*पुलिस की विजिबिलिटी, अपराधियों में खौफ*
बॉर्डरलेस पुलिसिंग के तहत पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाई जा रही है। सड़कों पर गश्त, बाजारों में पेट्रोलिंग और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी से अपराधियों में डर का माहौल है, जबकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।एसपी ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस अधिकारी और जवान साफ-सुथरी वर्दी, अनुशासन और पेशेवर व्यवहार के साथ ड्यूटी करें, ताकि जनता का भरोसा और मजबूत हो।
*भरोसे की पुलिसिंग*
नारायणपुर पुलिस अब सिर्फ अपराध रोकने वाली ताकत नहीं, बल्कि न्याय दिलाने वाली संस्था के रूप में सामने आ रही है। बॉर्डरलेस पुलिसिंग ने यह साफ कर दिया है कि अब पीड़ित अकेला नहीं है, पुलिस हर हाल में उसके साथ खड़ी है। अब न्याय की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा, अब थानों की सीमा आड़े नहीं आएगी। “बॉर्डरलेस पुलिसिंग” को ज़मीन पर उतारकर अपराध नियंत्रण और पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली की एक नई इबारत लिख दी है।



