Home KORBA भू-विस्थापितों की बुलंद आवाज़ SECL गेवरा कार्यालय में दो परिवारों का सत्याग्रह

भू-विस्थापितों की बुलंद आवाज़ SECL गेवरा कार्यालय में दो परिवारों का सत्याग्रह

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गेवरा//कोरबा:-*एसईसीएल (SECL) गेवरा क्षेत्र के वादा खिलाफी’ के विरोध में दो भू-विस्थापित परिवारों ने आज SECL गेवरा कार्यालय में लगभग तीन घंटे तक महाप्रबंधक कार्यालय के अंदर स्थित श्रमिक मूर्ति के सामने धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया जिन भू-विस्थापितों की आवाज़ वे उठाते रहे हैं, आज उन्होंने स्वयं के लिए आवाज़ बुलंद करते हुए अपने अधिकारों की मांग की ।

भू-विस्थापित जोहनराम निर्मलकर और ललित महिलांगे ने अपने परिवार के साथ दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक करीब 4 घंटे SECL गेवरा कार्यालय के भीतर शांतिपूर्ण सत्याग्रह पर बैठे रहे उनकी मुख्य मांगों में मुआवजा, बसाहट, एग्रेशिया राशि और परिवार के सदस्य के लिए वैकल्पिक रोजगार का त्वरित निराकरण शामिल है ।

भावुक और तीखी चेतावनी

धरना स्थल पर जोहनराम निर्मलकर ने प्रबंधन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी एक मकान को अपनी पुत्री के नाम नापी कराया था जिसकी दो साल पहले मृत्यु हो जाने पर मुआवजा लटका पड़ा है । अगर उनकी नातिन (स्वयं की पुत्री लता की संतान) के मकान की परिसंपत्तियों का उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे अपनी नातिन को एसईसीएल को सौंप देंगे ।

दूसरे परिवार के ललित महिलांगे ने प्रबंधन को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा अगर एक सप्ताह के भीतर मुआवजा नहीं दिया गया तो मैं यहीं SECL कार्यालय परिसर में नग्न होकर प्रदर्शन करूंगा ।

समस्याओं के निराकरण हेतु ज्ञापन

लगभग तीन घंटे के धरना-प्रदर्शन के बाद दोनों परिवारों ने SECL प्रबंधन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में उन्होंने अपनी लंबित समस्याओं के जल्द से जल्द और संतोषजनक निराकरण की मांग की है ।

भू-विस्थापितों का कहना है कि SECL द्वारा अधिग्रहित उनकी ज़मीन और मकानों के बदले उन्हें आज तक उनके वादे के अनुसार मुआवजा और पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है जिसके कारण उनके परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट झेल रहे हैं उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों का उचित निराकरण नहीं होता वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे ।