दीपका: अंश पोर्टल बंद होने से बढ़ी बेरोजगारी – जेसीपी महासचिव महावीर यादव ने एसईसीएल प्रबंधन पर साधा निशाना

दीपका क्षेत्र में बेरोजगारी का संकट गहराता जा रहा है और इसके लिए ग्रामीणों ने सीधे तौर पर एसईसीएल दीपका प्रबंधन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (जेसीपी) के महासचिव महावीर यादव ने शनिवार को प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अंश पोर्टल बंद होने से सैकड़ों परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
यादव ने प्रेस को जारी बयान में कहा –
> “लगभग दो लाख रुपये से नीचे के छोटे-छोटे कार्य जो पहले अंश पोर्टल के माध्यम से स्थानीय लोगों को दिए जाते थे, अचानक बंद कर दिए गए हैं। यह फैसला न सिर्फ स्थानीय बेरोजगारों के साथ अन्याय है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी खराब करने वाला कदम है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन की यह नीति बाहरी ठेकेदारों और बड़े ठिकेदारों को लाभ पहुँचाने की मंशा से उठाई गई है। जबकि पहले यही काम स्थानीय बेरोजगारों के हाथों में रहता था, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर पाते थे।
महासचिव यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रबंधन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और अंश पोर्टल के माध्यम से काम तुरंत बहाल नहीं किए, तो क्षेत्र के बेरोजगार और मजदूर आंदोलन की राह पकड़ने पर मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि रोज़गार के इन छोटे अवसरों पर ही उनके घर-परिवार की रसोई चलती थी। पोर्टल बंद होने से अब सैकड़ों परिवार भुखमरी और कर्ज़ के संकट में फंस गए हैं।
अब देखना यह है कि क्या एसईसीएल सीएमडी और प्रबंधन इस मांग को गंभीरता से लेकर बेरोजगारों को राहत देंगे, या फिर दीपका क्षेत्र की जनता को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।




