खनन माफिया की दबंगई, प्रशासन द्वारा दिन में जब्त हाईवा और जेसीबी रात को उठा ले गये माफिया
बिलासपुर। प्रदेश भर में बारिश से पूर्व ही रेत के खनन पर रोक लगा दी गई थी, मगर अब भी रेत माफिया इस निर्माण सामग्री की तस्करी में लगे हुए हैं। हद तो यह है कि ये बेखौफ माफिया प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को भी धता बता रहे हैं। न्यायधानी बिलासपुर में नदी-नालों का सीना छलनी करने वाले माफियाओं की दबंगई का कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।
दिन में कार्रवाई की फोटो खिंचवाई, और रात को…
बिलासपुर में एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने दिनदहाड़े चल रहे अवैध खनन पर कार्रवाई करते हुए हाईवा और जेसीबी को जब्त किया था। महिला तहसीलदार ने बकायदा इस कार्रवाई के दौरान जब्त वाहनों के साथ फोटों भी खिंचवाई। उधर रात होते ही जब्त हाईवा और जेसीबी को बेखौफ माफिया के गुर्गे उठाकर ले गये। गांव के सरपंच ने इस मामले की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करायी है।
अवैध खनन और खनन माफियाओं की दबंगई का ये पूरा मामला कोटा थाना क्षेत्र का है। तखतपुर एसडीएम शिवकुमार कंवर को बीते कुछ दिनों से लगातार अवैध मुरूम खनन की शिकायतें मिल रही थीं। एसडीएम ने इन सारी शिकायतों पर तहसीलदार श्रद्धा सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश के बाद तहसीलदार व राजस्व विभाग की टीम ने चनाडोंगरी के जंगल में छापामार कार्रवाई की। मौके से अधिकारियों की टीम ने अवैध खनन में लगे जेसीबी वाहन और हाईवा के साथ खनन माफिया के लोगों को देखा।
राजस्व विभाग की टीम जब कार्रवाई के लिए पहुंची, तब मौके पर मौजूद ड्राइवर और मशीन ऑपरेटर चाबी लेकर भाग निकले। जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने अवैध उत्खनन में लगे तीन हाईवा और एक जेसीबी को जब्ती बनाने की कार्रवाई की। पंचनामा कार्रवाई के बाद तहसीलदार ने सभी वाहनों को गांव के सरपंच लक्ष्मण वर्मा को सुपुर्द कर दिया। जब्त वाहनों की चाबी नही होने के कारण सभी वाहन जंगल में ही खड़े थे। राजस्व विभाग की इस कार्रवाई के बाद जब्त वाहनों की निगरानी के लिए गांव के कोटवार लक्ष्मीदास मानिकपुरी को जंगल में तैनात किया गया था।
इसी दौरान देर रात प्रांजल शर्मा अपने ड्राइवर और मशीन ऑपरेटर के साथ मौके पर पहुंचा और जब्त जेसीबी और हाईवा को जबरन ले गया। कोटवार के विरोध करने के बाद भी खनन माफिया उसे धमकाते हुए मौके से सभी वाहन लेकर फरार हो गया। इसके बाद सुबह उसने पूरी घटना की जानकारी सरपंच को दी। गांव के सरपंच ने तुरंत खनन माफिया की दबंगई और जब्त वाहनों को ले जाने की जानकारी तहसीलदार को दी। जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट कोटा थाना में दर्ज कराया गया है।
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले भी इसी क्षेत्र के रेत घाट पर गोली चलने की घटना सामने आई थी। घायल के अस्पताल पहुंचने पर पुलिस को घटना की जानकारी मिली थी। इसके अलावा दबंगई पूर्वक इस क्षेत्र से रेत निकालने का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की पतासाजी शुरू कर दी है। वहीं बिलासपुर में घटित इस घटना ने एक बार फिर खनन माफियाओं की दबंगई सामने ला दी है। अब कार्रवाई की बारी पुलिस और प्रशासन की है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




