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बादलों से बाहर नहीं आए भुवन भास्कर, सीजन में पहली बार कड़ाके की ठंड का एहसास

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acn18.com कोरबा/ मकर संक्रांति के दिन से सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश करने को लेकर मान्यताएं बनी हुई है कि दिन की अवधि बढ़ जाती है और तापमान में बढ़ोतरी शुरु हो जाते हैं। एक सप्ताह तक इसे कुछ हद तक महसूस किया गया लेकिन अचानक मौसम ने करवट बदल ली। मौसम विभाग के द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप कोरबा सहित आसपास के जिलों में बारिश हुई जिससे कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हुई। अब आलम यह है कि भगवान भवन भास्कर ने दर्शन देना बंद कर दिया है। किस वजह से कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

पूरे ब्रह्मांड को अपनी ऊर्जा से रोशनी और गरमाहट्स देने वाले सबसे शक्तिशाली ग्रह सूर्य फिलहाल बादलों की ओट में छिपे हुए हैं। अयोध्या में श्री रामचंद्र के नवीन मंदिर में प्रतिष्ठित होने के अगले दिवस सूर्य के दर्शन दुर्लभ हो गए। 2 दिन पहले हुई बारिश को लेकर माना जा रहा था कि आगे मौसम खराब रहेगा। 22 जनवरी तक स्थिति ठीक-ठाक रही लेकिन अगले दिवस मौसम एकाएक पहाड़ी राज्य जैसा हो गया। ठंडी की विदाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं लोगों को गर्म कपड़ों के साथ वापसी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वही मौसम के तेवर को ध्यान रखते हुए अनेक स्थानों पर लोगों ने अलाव जलाए और मौसम के प्रकोप से बचने की जुगत लगाई। नगर पालिका निगम कोरबा के द्वारा लोगों को राहत देने के लिए जरूरी विकल्प नहीं अपनाये गए हैं।

2023 के अंत के पूर्वानुमानों में भी दिसंबर और फरवरी के बीच अधिक आद्रता लेकिन कम गंभीर सर्दी और सामान्य से अधिक न्यूनतम और अधिकतम तापमान की ओर इशारा किया गया है – मुख्य रूप से अल नीनो के कारण । मौसम विभाग के विशेषज्ञ ने बताया कि अल नीनो, एक जलवायु घटना है जिसमें भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान औसत से अधिक गर्म होता है। देखना होगा कि औद्योगिक आंचल कोरबा क्षेत्र में मौसम का बदला हुआ रुख कब तक बरकरार रहता है। इन सबके बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता दिखाई जाने की जरूरत है

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