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कहीं भी डंप कर दी जा रही है राखड़,इसकी आड़ में हो रहा जमीन पर कब्जा

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acn18.com कोरबा/ प्रशासन के लाख दावे और निगरानी के मौजूद कोरबा क्षेत्र में बिजली घरों की राख को मनमाने तरीके से डंप करने और लोगों की परेशानी बढ़ाने का सिलसिला जारी है। चाम्पा मार्ग पर इसके नमूने देखने को मिल रहे है। खबर के अनुसार राखड़ डंप करने की आड़ में कई जगह जमीन हथियाई जा रही है।

बिजली घरों में कोयला का उपयोग करने के बाद वहां से निकलने वाली रखड़ का सुरक्षित निपटान करने के निर्देश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा दिए गए हैं और हर हाल में सभी प्रबंधन को इसका पालन भी करना है। कोरबा जिले में भारत सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ निजी उद्योगों के द्वारा बिजली घरों का संचालन किया जा रहा है। बिजली बनने की प्रक्रिया में हर रोज बड़ी मात्रा में कोयला का उपयोग होता है और फिर इसकी एक मात्र रखड़ के रूप में निकलती है। पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को प्रभावित किए बिना राखड़ को डंप करने के सरकारी निर्देश के विपरीत कोरबा में मनमानी तरीके से यहां वहां इस काम को किया जा रहा है। चाम्पा मार्ग पर नगर पालिका निगम क्षेत्र में इस तरह से रखड़ डंप करने का काम एक बार फिर से शुरू हो गया है। लोग बताते हैं कि दिन के साथ-साथ रात में भी इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। इसी इलाके में अब रख डंप करने के नाम पर जमीनों पर कब्जा करने का खेल भी शुरू हो गया है। पहले यहां पर विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र किया जाने वाला कचरा डंप किया गया और फिर बाद में इसके ऊपर रखड़ डंप कर दी गई। इस पर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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स्वाभाविक रूप से शहरी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अपने निजी जमीन पर नगर निगम अथवा किसी अन्य व्यक्ति को यहां वहां का कचरा डंप करने की अनुमति नहीं देगा और ना ही बाद में वह इस पर रखड़ डंप करने देगा। मतलब है कि बिजली घरों से निकलने वाली रख और इसे अपनी सुविधा से डंप करने का जो ठेका ट्रांसपोर्टर ने ले रखा है, उन लोगों के साथ जमीन कबजाने वालों ने अच्छे समीकरण बना रखे हैं ताकि उनका काम भी हो सके। कोरबा शहरी क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के इलाके में बिजली घरों की रात को मनमाने तरीके से डंप करने और इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं के कारण लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। लोगों के विरोध के बाद प्रशासन ने इस मामले में शक्ति दिखाई थी लेकिन उसे दिन बीतने के बाद अब हालात जस के तस हो गए हैं। देखना होगा कि नए मामले में प्रशासन के अधिकारी किस प्रकार से गंभीरता का प्रदर्शन करने के साथ कार्रवाई करते हैं।

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