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भारत में 77 लाख लोग पीड़ित हैं मधुमेह से, शिविर में बताया योग प्राणायाम जरूरी, जीवन शैली को सुधारें

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acn18.com कोरबा/ आधुनिक समय की बीमारियों में रक्तचाप और मधुमेह ने अपना विशेष स्थान बना लिया है और धीरे-धीरे काफी संख्या में लोग इसकी जद में आ रहे हैं। शारीरिक अभ्यास में कमी और गलत जीवन शैली को इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। विश्व मधुमेह दिवस पर कोरबा के पतंजलि चिकित्सालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया इस दौरान लोगों की रक्त शर्करा जांच करने के साथ उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

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निरोगी काया को लेकर कहा गया है कि यह व्यक्ति का पहला सुख है। इसलिए इस तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है इसके ठीक उल्टे लापरवाही दिखाने पर बीमारियां घेर लिया करती है। बीते कुछ वर्षों में मधुमेह और रक्तचाप जैसी बीमारियां इसी श्रृंखला में शामिल हुई है जिनकी चपेट में धीरे-धीरे बड़ी संख्या आती जा रही है। कई प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहे लोगों को भविष्य को लेकर जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लोग प्रयत्नशील है।

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विश्व मधुमेह दिवस पर आधुनिक समय की बीमारियों के बारे मैं जानकारी देने और लोगों को सचेत कर रहे हैं की मंशा से कोरबा के पतंजलि चिकित्सालय में आयुष मेडिकल और लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के द्वारा शिविर आयोजित किया गया। यहां पर लोगों की जांच निशुल्क करने के साथ उन्हें जरूरी दवाएं दी गई। डॉ नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि भारत में 77 लाख लोग वर्तमान में मधुमेह से पीड़ित है। अनियमित जीवन शैली इसके लिए जिम्मेदार है। ऐसे मामलों में लोगों को दवा पर निर्भरता करने के बजाय शारीरिक अभ्यास व योग प्राणायाम पर ध्यान देना चाहिए।

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डॉ शर्मा ने बताया कि रक्तचाप के अनुपात को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं । भोजन के बाद 100 से 150 तक की स्थिति सामान्य मानी जाती है अगर आंकड़े इससे अधिक होते हैं तो व्यक्ति को चिंता करनी चाहिए और अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।शिविर में लायंस क्लब के अध्यक्ष शिव जायसवाल के अलावा नेत्रंनन्दन साहू, कमल धारिया, चक्रपाणि पांडेय, सिद्धराम शाहनी, कमला कुंभकार, स्नेहा मिश्रा, देवबली कुंभकार एवं राकेश इस्पात ने अपना योगदान दिया ।

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