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बावड़ी में डूबकर 8 साल की बच्ची की मौत:कुत्तों से डरकर भागते हुए गिर गई थी, ट्यूशन पढ़कर बहन के साथ लौट रही थी

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Acn18.com/सूरजपुर जिले के सतपता गांव में आवारा कुत्तों के डर से भाग रही 8 साल की बच्ची की मौत बावड़ी में गिरकर हो गई। बच्ची का शव गुरुवार देर रात करीब 11 बजे निकाला गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और NDRF की संयुक्त टीम लगी थी। मामला विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, सतपता गांव में रहने वाली जीनत खानम (8) अपनी बड़ी बहन के साथ पढ़ाई करने के लिए मदरसा गई थी। मदरसा बच्ची के घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। वहां से दोनों शाम 7 बजे वापस अपने घर लौट रहे थे।

घर से कुछ दूर पहले कुत्तों का झुंड भौंकते हुए दोनों बहनों की ओर लपका, तो दोनों बच्चियां भागने लगीं। जीनत की बड़ी बहन भागकर दूसरी ओर चली गई। इधर पीछे कुत्तों को आता देखकर जीनत भागते हुए चंद्रिका बाड़ी के पास स्थित पुरानी बावड़ी में गिर गई।

बच्ची का शव बरामद, पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया

बच्ची की बड़ी बहन ने घर पहुंचकर परिवारवालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर विश्रामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बावड़ी में गंदगी और कीचड़ भरा होने के कारण कोई इसमें उतरने की हिम्मत नहीं कर सका।

सूचना पर सूरजपुर से SDRF की टीम मौके पर पहुंची। SDRF की टीम भी गंदगी देखकर बावड़ी में नहीं उतर सकी। बाद में बावड़ी में डूबी जीनत को ढूंढने अभियान चलाया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जीनत का शव बावड़ी से बाहर निकाला गया। जिसे पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस बावड़ी को जल्द से जल्द बंद कराया जाए, ताकि आने वाले दिनों में और हादसे न हों।

दुबई जाने के लिए निकले थे बच्ची के पिता

मृत बच्ची जीनत खानम के पिता जसीम टायर रिपेयरिंग का काम करते हैं। जसीम बेहतर रोजगार की तलाश में दुबई जाने के लिए निकले थे और दिल्ली पहुंचे थे। रात को दुबई के लिए उसकी फ्लाइट थी। देर रात बेटी की मौत की खबर सुनने के बाद वे विश्रामपुर वापस आने के लिए निकल गए।

50 साल पुरानी बावड़ी हो गई है खतरनाक

घनी आबादी वाले सतपता में मैदान से सटी हुई यह बावड़ी खतरनाक हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह बड़ा पुराना कुआं था, जो बाद में धंस जाने से फैल गया और बावड़ी बन गया। यहां बारिश का पानी भरा हुआ है। वर्तमान में इसमें करीब 15 फुट पानी है। यहां गांववाले कचरा फेंकते हैं। पानी भरे होने के कारण यह खतरनाक हो गया है।

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