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3-साल की चेतना 25 घंटे से भूखी-प्यासी बोरवेल में फंसी:कैमरे में नहीं दिख रही, 135 फीट पर अटकी; देसी जुगाड़ से खींचने की कोशिश

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acn18.com/   कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की चेतना को 25 घंटे बाद भी नहीं निकाला जा सका है। एनडीआरएफ की चार कोशिशों के बाद भी उसे केवल 15 फीट ही ऊपर खींचा जा सका है। कैमरे में नजर नहीं आने के कारण मंगलवार सुबह 10:30 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था। दूसरा कैमरा सेट कर 4 घंटे बाद करीब दोपहर ढाई बजे रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया। हालांकि कैमरे में बच्ची का मूवमेंट नहीं दिख रहा है।

दरअसल, किरतपुरा क्षेत्र के बड़ियाली की ढाणी की रहने वाली चेतना सोमवार दोपहर 1:50 बजे घर के पास बने बोरवेल में गिर गई थी। बीते 25 घंटे से भूखी-प्यासी चेतना पहले बोरवेल में 150 फीट पर अटकी थी। रेस्क्यू टीमें चौथे प्रयास में उसे 135 फीट तक लाने में कामयाब रही हैं। बच्ची को एल बैंड (लोहे की प्लेट से बना देसी जुगाड़) के जरिए ऊपर खींचा जा रहा है।

सोमवार को बोरवेल में उतारे गए कैमरे में बच्ची नजर आ रही थी। आज सुबह जब उसे ऊपर खींचा गया तो वो दिख नहीं रही है।

चार कोशिश नाकाम, 15 फीट ऊपर ही आई बच्ची

सोमवार रात करीब 1 बजे रिंग रॉड और अंब्रेला टेक्नीक से बच्ची को निकालने का पहला प्रयास विफल रहा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया- जो रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में डाली थी। वो बच्ची के कपड़ों में उलझ गई थी। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। इसके बाद देर रात तीन बजे फिर से उसे रिंग के जरिए बाहर निकालने की कोशिश की गई थी।

मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्ची के दादा और परिवार के अन्य लोगों को रेस्क्यू से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने चेतना को हुक के जरिए बाहर खींचने की परमिशन भी परिवार से ली।

इसके बाद बच्ची को बाहर खींचने में फिर वे फेल हो गए। चौथ प्रयास में उसे एल बैंड (लोहे की प्लेट से बना देसी जुगाड़) से खींचा गया। हालांकि, बच्ची के 15 फीट ऊपर आने की वजह से पहले वाले कैमरे में नजर नहीं आ रही है।

पहले कैमरे की विजिबिलिटी कम होने पर दूसरा कैमरा सेट किया गया। इसके बाद चार घंटे से रुका हुआ रेस्क्यू दोपहर 2:30 बजे फिर से शुरू किया गया।