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स्नान-दान और पूजा-पाठ का महीना:स्नान-दान और पूजा-पाठ का महीना: 15 मार्च को राशि बदलेगा सूर्य और शुरू होगा खर मास, अब 14 अप्रैल तक नहीं होंगे मांगलिक काम

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15 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा। इससे मीन मास शुरू हो जाएगा। जो कि 15 अप्रैल तक रहेगा। इस एक महीने में किसी भी तरह के मांगलिक काम नहीं होंगे।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब भी सूर्य, बृहस्पति की राशियों धनु और मीन राशि में आता है तब खरमास दोष लगता है। बुधवार को सुबह करीब 6.45 पर सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा।

इस एक महीने में भगवान की आराधना का विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों के मुताबिक, इस महीने में सूर्योदय से पहले उठकर नहाने और उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाने की परंपरा है। इस महीने भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

इस महीने तीर्थों, घरों और मंदिरों में भगवान की कथा करनी चाहिए। भगवान की विशेष पूजा होनी चाहिए। साथ ही व्रत-नियम पालन करते हुए दान, पुण्य और भगवान की पूजा करना चाहिए।

खर मास में करें इस मंत्र का जाप
धर्म ग्रंथों में भगवान विष्णु के कई श्लोक बताए गए हैं। जिनका जाप खर मास में किया जाए तो पुण्य मिलता है। मंत्र जाप करते समय विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए। ऐसा ध्यान करना चाहिए कि वो नवीन और मेघ के समान श्याम हैं। वो दो भुजधारी हैं। पीले वस्त्र पहने हुए हैं और बांसुरी बजा रहे हैं। ऐसे रूप में भगवान का ध्यान करना चाहिए।

मंत्र:
ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय

स्नान-दान
मीन मास में सूर्योदय से पहले उठकर पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे और तिल मिलाकर नहाएं। फिर सिर पर चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद उगते हुए सूरज को अर्घ्य दें। फिर दिन में गाय को घास खिलाएं। इसके बाद जरुरतमंद लोगों को खाने की चीजें और कपड़ों का दान करना चाहिए।