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नेपाल हादसा : सात दिनों बाद भी लापता सरगुजा की डॉ. मीना गुप्ता

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तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर आई भीषण आपदा में लापता हुई सरगुजा की बेटी डॉ. मीना गुप्ता का सात दिनों बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

 

अंबिकापुर। तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर आई भीषण आपदा में लापता हुई सरगुजा की बेटी डॉ. मीना गुप्ता का सात दिनों बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। डॉ. मीना अपने ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गई हुई थी और घटना के समय पूरा दल इमिग्रेशन सेंटर में ही मौजूद था। इस हादसे के बाद डॉ. मीना के पिता और भाजपा के वरिष्ठ मीना के पिता और भाजपा के वरिष्ठ नेता करता राम गुप्ता और परिवार के सदस्य नेपाल पहुंच गए और अब भी उसकी तलाश जारी है।

 

इस बीच डॉ. मीना के परिजन ने नेपाल में मिले शवों के डीएनए टेस्ट की मांग की है। डीएनए टेस्ट के मांग की पुष्टि सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज ने भी की है। बता दें कि शहर के वरिष्ठ भाजपा नेता और एल्डरमैन करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता वर्तमान में इंग्लैंड के टोरकी में निवास करती हैं और चर्म रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

 

ईशा फाउंडेशन के दल के साथ गई थीं डॉ. मीना

डॉ. मीना गुप्ता ब्रिटेन में अपने डॉक्टर पति और तीन बेटियों के साथ रहती है और वे ईशा योगा -फाउंडेशन सतगुरु ग्रुप के साथ 14 अगस्त को भारत आई थी। उनके साथ इस ग्रुप में लगभग 77 लोग शामिल थे जो दिल्ली से काठमांडू गए थे। 23 अगस्त को दल ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी कर ली थी और 25 अगस्त को दल के सदस्य नेपाल और तिब्बत की सीमा पर स्थित इमिग्रेशन कार्यालय में अपनी औचारिकता पूरी करने के एं लिए गए हुए थे।

 

तलाश में दर-दर भटक रहा परिवार

 

बताया जा रहा है न कि, जिस समय वे इमिग्रेशन टिन कार्यालय में मौजूद थे उसी समय योन यह भीषण त्रासदी आई। इस त्रासदी 1 के बाद से ही उनका परिवार से उनक सम्पर्क नहीं हो पाया है। इस घटना लो के बाद से ही परिवार उनकी तलाश प्रमां में जुटा हुआ है। डॉ. मीना के पिता न करता राम गुप्ता और परिवार के पू सदस्य बेटी की तलाश में नेपाल दन पहुंच गए है और वे लगातार उनकी।क खोजबीन कर रहे है लेकिन अब लि तक सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। ऐसे में परिवार की बेचैनी अब बढ़ती ही जा रही है।

पहले परिजन का होगा डीएनए टेस्ट

एक तरफ परिवार लगातार डॉ. मीना गुप्ता की तलाश में जुटा है तो वहीं दूसरी ओर परिवार ने अब तक अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की मांग की है। परिवार का कहना है कि किसी अज्ञात शव की पहचान अगर संदिग्ध है तो डीएनए टेस्ट से इसकी पुष्टि की जाए। परिवार ने सांसद से भी डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया में मदद चाही है। सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग की पुष्टि की है।

 

स्थिति साफ होना जरूरी

सांसद का कहना है कि, परिवार को स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलना बेहद जरूरी है जानकारी मिलना बेहद जरूरी है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हालांकि डीएनए टेस्ट के लिए पहले माता या पिता का डीएनए टेस्ट किया जाएगा और उसके बाद संदिग्ध मिले शवों के डीएनए से उसका मिलान किया जाएगा। परिवार जहां मीना के सुरक्षित होने की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की मांग ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

 

सरकार के लगातार सम्पर्क में

छग शासन के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि, हम लोग नेपाल में भारत की एंबेसी और भारत सरकार से लगातार संपर्क में है। खबर यह है कि अब तक बच्ची की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। करता राम गुप्ता और उनकी बेटियां नेपाल पहुंच गई हैं लेकिन अब तक निराशा ही हाथ लगी है। ईश्वर से प्रार्थना है कि डॉ. मीना गुप्ता सहित बाढ़ में फंसे सभी लोग सकुशल हों और जल्द से जल्द अपने परिवारों के बीच लौटें। हम सभी उनके सुरक्षित लौटने की कामना कर रहे हैं