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जशपुर के वाटरफॉल में बड़ा हादसा टला : तेज बहाव में फंसे 7 पर्यटक, देखिए VIDEO जीवन के लिए कैसे कर रहे संघर्ष

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जशपुर के दनगरी वाटरफॉल में नदी के तेज बहाव में 7 पर्यटक फंस गए। घंटों की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

जिले के दनगरी वाटरफॉल में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब घूमने पहुंचे सात पर्यटक नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। अचानक बढ़े पानी के बहाव के कारण पर्यटकों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया। काफी मशक्कत के बाद सभी सातों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।

 

 

तेज बहाव के बीच फंसी जान

बताया जा रहा है कि सात पर्यटक दनगरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। वाटरफॉल तक पहुंचने के दौरान उन्हें नदी के रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। इसी दौरान नदी का बहाव तेज हो गया और सभी पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए। पर्यटकों के फंसने की जानकारी मिलते ही उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास शुरू किए गए। घंटों की मशक्कत के बाद सभी को नदी से बाहर निकाला गया। इस दौरान पर्यटकों की जान पर बन आई थी।

 

 

जशपुर के दनगरी वाटरफॉल में नदी के तेज बहाव में 7 पर्यटक फंस गए। घंटों की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

 

रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों पर्यटक

दनगरी वाटरफॉल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग दूर-दराज के इलाकों से घूमने पहुंच रहे हैं। लेकिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई पर्यटक जोखिम उठाकर नदी पार करते हुए वाटरफॉल तक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ जाता है, ऐसे में यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

 

सुरक्षा इंतजामों की कमी से बढ़ा खतरा

दनगरी वाटरफॉल में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात सामने आ रही है। मौके पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और नदी के खतरनाक हिस्सों में निगरानी जैसी व्यवस्थाओं की कमी पर्यटकों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

 

 

 

सवालों के घेरे में पर्यटकों की सुरक्षा

सात पर्यटकों के नदी में फंसने की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए