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अस्पताल हटाने पहुंचा SECL तो होगा बड़ा आंदोलन! हरदीबाजार में ग्रामीणों का उग्र विरोध, मुआवजा-रोजगार और बसाहट पर आर-पार

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Acn 18.com.कोरबा जिले के हरदीबाजार में एसईसीएल दीपका एरिया की परियोजना विस्तार योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हरदीबाजार के सरकारी अस्पताल के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ ग्रामीण, भू-विस्थापित और जनप्रतिनिधि लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक मुआवजा, रोजगार और बसाहट से जुड़ी उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक अस्पताल को हटाने नहीं दिया जाएगा।

हरदीबाजार तहसील कार्यालय में इस मामले को लेकर आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम पाली रोहित सिंह और तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में सरपंच, उपसरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

ग्रामीणों ने एसईसीएल दीपका एरिया प्रबंधन पर मुआवजा पत्रक में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि सर्वे और नापी के बाद तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में कथित तौर पर 40 प्रतिशत की विसंगति दर्शाई गई है, जिससे किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के बाद पात्र किसानों और विस्थापितों को रोजगार देने की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। वहीं, नए बसाहट स्थल पर विकास और निर्माण कार्यों की धीमी गति को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

बैठक में ग्रामीणों ने केंद्रीय कोयला मंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि विस्थापितों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास या खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों के अधिकारों और उचित मुआवजे की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सबसे बड़ी चेतावनी यही है कि जब तक मुआवजा विसंगति दूर नहीं होती, पात्र विस्थापितों को रोजगार नहीं मिलता और बसाहट की व्यवस्था पूरी नहीं होती, तब तक हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण का विरोध जारी रहेगा।

यदि प्रशासन या एसईसीएल ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

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