गर्दों गुबार से परेशान लोग गंदगी के बीच रहने को विवश
गेवरा दीपिका की कॉलोनी में रहने वालों की आफत

कोयला उत्पादन कर पूरी दुनिया में कोरबा का नाम रोशन करने वाली गेवरा और दीपिका कोयला खदान में सेवा देने वाले गंदगी के हवाले कर दिए गए हैं।
प्रगति नगर कॉलोनी के लोग गंदगी के बीच सपरिवार जीवन यापन करने को विवश हो गए है
कॉलोनी का नाम तो है प्रगति नगर लेकिन यहां कुछ भी प्रगतिशील नहीं दिखाई देता। इस कॉलोनी में निवासरत लोग देश की प्रगति में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं लेकिन इनको मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला प्रबंधन उनकी जान के पीछे पड़ गया है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है की अन्य सुविधाएं तो छोड़िए कॉलोनी में साफ सफाई भी नहीं कराई जाती। धूल की बरसात के मध्य रहने को मजबूर लोग गंदगी से परेशान हैं लेकिन प्रबंधन तो छोड़िए इन मजदूरों की रहनुमाई करने वाले श्रमिक संगठन के नेता भी कबूतर के मानिंद आंख बंद किए बैठे हैं।




