युद्ध की धमक बिलासपुर तक पहुंची
तीन युवकों के परिजन और शुभचिंतक चिंतित

ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई तक महसूस किया जा रहा है। इसी बीच करगी रोड, कोटा (छत्तीसगढ़) के तीन युवक—शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल के दुबई में फंसे होने की खबर है, जिससे उनके परिजनों में चिंता का माहौल है।
तीनों युवक घूमने के लिए दुबई गए थे, लेकिन वापसी के दिन से ही क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
जानकारी के मुताबिक करगी रोड निवासी शिवम मिश्रा अपने दो साथियों आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल के साथ घूमने के लिए दुबई गए । इसी दौरान पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और सुरक्षा संबंधी घटनाक्रमों ने क्षेत्र का माहौल संवेदनशील बना दिया। वापसी की निर्धारित तिथि के आसपास हालात में परिवर्तन के कारण वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के बीच असमंजस की स्थिति बन हो गई है।
शिवम मिश्रा ने अपने परिवार से संपर्क कर जानकारी दी है कि क्षेत्र में अनिश्चितता का वातावरण है, हालांकि वे तीनों फिलहाल होटल में सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि दुबई के प्रतिष्ठित स्थल बुर्ज खलीफा पर किसी प्रकार का मिसाइल अटैक नहीं हुआ है। परिवार के अनुसार शिवम ने अपील के माध्यम से अपनी स्थिति साझा की है, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है। जिसे लेकर परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि दुबई और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।
शिवम के परिवार ने बताया कि वे लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संपर्क में हैं।
युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़े असर ने कोटा के तीन युवकों की वापसी यात्रा को अनिश्चितता में डाल दिया है। दुबई घूमने के लिए गए कोटा के तीन युवकों की वापसी फ्लाइट लगातार रद हो रही है। पहले उनकी टिकट 28 फरवरी की थी, लेकिन उड़ान निरस्त हो गई। इसके बाद तीन मार्च की नई टिकट मिली,
हवाई अड्डों पर यात्रियों की भीड़
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ी हुई है। कई उड़ानें री-शेड्यूल की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। शिवम ने बताया कि होटल में रुकने की अवधि बढ़ानी पड़ी है, जिससे खर्च भी बढ़ रहा है। फिर भी वे स्थिति को समझदारी से संभाल रहे हैं और स्थानीय प्रशासन व एयरलाइन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
वह भी कैंसल हो गई। अब उन्हें पांच मार्च की फ्लाइट का टिकट मिला है और वे उसी के सहारे घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वीडियो काल से दे रहे जानकारी
शिवम के स्वजन ने बताया कि तीनों युवक लगातार वीडियो काल के जरिए घरवालों को अपनी कुशलता की जानकारी दे रहे हैं। जब तक बच्चे सुरक्षित हैं, हमें संतोष है। बस वे जल्द घर लौट आएं। स्वजन ने कहा कि पास के देशों में बढ़ते तनाव का असर उड़ानों के रूट और समय सारिणी पर पड़ना स्वाभाविक है। सुरक्षा कारणों से कई एयरलाइंस वैकल्पिक मार्ग अपना रही हैं।
कोटा में रहने वाले शिवम मिश्रा ने फोन पर बताया कि वे अपने दोस्तों आकाश और आयुष के साथ घूमने के लिए दुबई आए थे। घूमने-फिरने और यादगार पल बिताने की योजना थी, लेकिन अचानक पास के देशों में तनाव बढ़ने से उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ गया।
शिवम ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं है, लेकिन बार-बार फ्लाइट कैंसल होने से मानसिक दबाव जरूर बढ़ गया है। वे यहां पूरी तरह सुरक्षित हैं। दुबई में युद्ध जैसे हालात नहीं हैं। शहर सामान्य तरीके से चल रहा है, पर्यटक स्थल खुले हैं।
गौरतलब है कि ईरान–इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव पूरे क्षेत्र पर देखा जा रहा है। ऐसे में वहां कार्यरत एवं भ्रमण पर गए भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों में चिंता बनी हुई है। फिलहाल परिवार को भारत सरकार की ओर से वीसी सकारात्मक पहल की उम्मीद है और वे शिवम तथा उनके साथियों की सुरक्षित व शीघ्र वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।




