spot_img

देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जाएगा धूमधाम से, पर्व को लेकर है कई मान्यताएं, मां तुलसी और भगवान शालीग्राम का होता है विवाह

Must Read

acn18.com कोरबा/ कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को शास्त्रों में देवउठनी एकादशी कहा गया है. शास्त्रों में देवउठनी एकादशी का खास धार्मिक महत्व बताया गया है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के बाद योग निद्रा से जागते हैं. जिसके बाद से सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं. देवउठनी एकादशी पर तुलसी-पूजन का खास विधान बताया गया है।

- Advertisement -

कोरबा में देवउठनी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं है। इस दिन भगवान विष्णु लंबी निद्रा से जागते है जिसके बाद सभी तरह के मांगलिग व शुभ कार्य शुरु हो जाते हैं। देवउठनी एकादशी के दिन पीले रंग के धागे में 108 गांठे बांधकर तुलसी में बांधना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि जो कोई देवउठनी एकादशी पर यह काम करता है, उसे धन की कोई कमी नहीं होती है. धन के भंडार और तिजोरियां हमेशा भरी रहती हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी माता को लाल चुनरी अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन तुलसी को लाल चुनरी अर्पित करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है. इसके अलावा यह उपाय वैवाहिक जीवन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए भी कारगर बताया गया है. ऐसे में आप चाहें तो मां तुलसी का आशीर्वाद पाने के लिए देवउठनी एकादशी पर उन्हें लाल रंग की चुनरी अर्पित कर सकते हैं.देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी में लाल रंग का कलावा बांधना शुभ है. धार्मिक मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर ऐसा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही साथ हर प्रकार की मानोकामनाएं भी पूरी होती हैं.देवउठनी एकादशी का दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास होता है. ऐसे में इस दिन उन्हें प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने के लिए तुलसी के पौधे में कच्चा दूध अर्पित करें।

तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को मारी जोरदार ठोकर, महिला समेत तीन लोगों की मौत, दो बच्चे गंभीर

377FansLike
57FollowersFollow
377FansLike
57FollowersFollow
Latest News

सात साल की नन्ही क्रिएटर ने जीता सबका दिल

Acn18.com l जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित "कोलैब करहु का" सोशल मीडिया क्रिएटर मीटअप में नन्हीं क्रिएटर का नृत्य देखकर...

More Articles Like This

- Advertisement -