नाबालिग की संदिग्ध मौत: वायरल वीडियो में पिटाई, बाद में मिला दफन शव
होली पर्व से पहले घर से लापता हुए एक नाबालिग युवक का मामला अब रहस्यमय और मार्मिक मोड़ ले चुका है। सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो और मध्यप्रदेश में दफन मिले शव के बाद परिजनों ने बेटे की मौत को साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है।
जानकारी के अनुसार कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र कुकरापानी निवासी 17 वर्षीय अमर लाल सिंह बैगा, पिता मलखन सिंह बैगा, 18 तारीख को बिना बताए घर से कहीं चला गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने तरेगांव थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसी बीच होली के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसे देखकर परिवार के होश उड़ गए। वीडियो में कुछ ग्रामीण एक युवक के हाथ-पैर बांधकर उसे बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। परिजनों का दावा है कि वीडियो में पिटाई का शिकार युवक उनका बेटा अमर लाल ही है। वायरल वीडियो के आधार पर जानकारी जुटाते हुए परिजन मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया थाना पहुंचे। वहां थाना प्रभारी से पूछताछ करने पर जो जानकारी सामने आई, उससे परिवार स्तब्ध रह गया।
पुलिस के मुताबिक अमर लाल सिंह बैगा को मंडला जिले के बरखेड़ा गांव में बच्चा चोरी के शक में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
वो थाना प्रभारी के अनुसार उपचार के दौरान ही युवक रात के अंधेरे में अस्पताल से कहीं चला गया। बाद में रास्ते में किसी अज्ञात ट्रक की ठोकर से उसकी मौत हो गई। पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने पंचनामा कर शव को लावारिस मानते हुए दफना दिया।
दूसरी ओर मृतक के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे की मौत सड़क दुर्घटना से नहीं बल्कि ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई के कारण हुई है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि युवक को भीड़ तालिबानी अंदाज में पीट रही है और वह दर्द से चीख रहा है।
परिजनों ने आशंका जताई है कि बरखेड़ा गांव के कुछ लोगों ने ही उनके बेटे की जान ली है और मामले को छिपाने की कोशिश की जा रही है। परिवार ने मांग की है कि दफनाए गए शव को निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए और फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इधर मृतक के परिजनों के समर्थन में कबीरधाम जिले के आदिवासी समुदाय के लोग भी सामने आ गए हैं। समुदाय के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।




