जांजगीर-चाम्पा . अक्षय तृतीया के मौके पर अभी भी कई जगह बाल विवाह जैसी कुप्रथा देखने को मिल ही जाती है। लेकिन समय पर लोगों और सरकार के अधिकारियों के जागने से ऐसे मामले परवान नहीं चढ़ पाते। कमरीद गांव में एक बालिका को वधू बनाने की तैयारी की जा रही थी, जिसे एन वक्त पर फेल कर दिया गया।
जांजगीर-चाम्पा जिले के पामगढ़ ब्लॉक के कमरीद गांव में प्रशासन ने बाल विवाह रुकवाया है। महिला व बाल विकास विभाग और बाल कल्याण विभाग की टीम को कमरीद में नाबालिग लड़की की शादी होने की सूचना मिली। इसके बाद, टीम गांव पहुंची और बालिका की उम्र के बारे में दस्तावेज से पता किया। यहां बालिका की उम्र 16 वर्ष 4 माह निकली। इस पर परिजन को बाल विवाह कानून के बारे में बताया गया और समझाइश दी गई, फिर नाबालिग की शादी रोकी गई। इस दौरान परिजन को बताया कि लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 होना चाहिए। अधिकारियों की सलाह पर आखिरकार लोगों ने माना कि वे लोग गलत कदम उठा रहे हैं और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में किशोरी के विवाह को अगली व्यवस्था तक के लिए ब्रेक कर दिया गया। अधिकारियों के द्वारा किशोरी के परिजनों को इस बात की जानकारी दी गई है कि कम उम्र में विवाह करने के क्या कुछ असर स्वास्थ्य पर हो सकते हैं और बाद में इसका दुष्प्रभाव भी हो सकता है।




