एसईसीएल की मनमानी चरम सीमा पर,रोज लाइन कटौती के नाम से कर्मचारी परेशान
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कोरबा जिले से महज 12 किलोमीटर दूरी में स्थित रजगामार कोल माईनस है जहाँ एसईसीएल के कर्मचारियों के मकान बने हुए है ।और वहाँ अपने परिवारों को लेकर उसी मकान में रहते है लेकिन एसईसीएल के अधिकारियों की मनमानी इतनी ज्यादा बड़ गई है कि यहाँ रोज बिजली कटौती कर रहे है और जानकारी पूछने पर बताया जाता है कि गर्मी के मौसम में ट्रांसफार्मर में लोड ज्यादा बढ़ जाती है जिसके कारण हम लोग लाईन कटौती कर रहे है बोलकर अपना पल्ला झाड़ देते है ।
वही देखा जा रहा है कि एसईसीएल की कुछ अन्य मकानों जैसे ऑफिसर कॉलोनी व बी टाइप में लाइन कटौती नही करती हैं।उल्टा जनरल मजदूर लोग जहाँ रहते है उनके मकानों की लाइट को काट दिए जाता है।
अगर कोल माइंस के कर्मचारी इस विषय मे आवाज भी उठा देते है तो उनको उल्टा ड्यूटी से बैठा दिया जाता है और उनका सैलरी से पैसा काट देते है ऐसे में कर्मचारी करे तो क्या करें आप सोंच सकते है।
हम आपको यह भी बता देते है कि वर्ष 2017 में इसी तरह रोज लाईन कटौती हो रही थी जिसके कारण रात के अंधेरे में जंगल से जंगली हाथी एसईसीएल कॉलोनी में घुस कर एक युवक जिसका नाम राम कुमार जांगड़े पिता मोहन सिंह जांगड़े नामक व्यक्ति को हाथी द्वारा कुचने से दर्दनाक मौत हो गई थी।
क्या फिर से एसईसीएल के अधिकारियों को दोबारा घटना हो जिसका इन्तेजार कर रहे है।
अब देखना होगा कि इस खबर को देखने के बाद एसईसीएल के अधिकारी कर्मचारियों की परिशनियो में मदद करेंगे या फिर से मनमानी ।




