भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट
आउटडोर स्टेडियम चढ़ गया भ्रष्टाचार की भेंट
करोड़ों रुपए की लागत से बना आउटडोर स्टेडियम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। निर्माण के महज एक साल के भीतर ही स्टेडियम पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच गया है। जगह-जगह दरारें, उखड़ती टाइल्स और टूटता कंक्रीट साफ तौर पर घटिया निर्माण की गवाही दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शक्ति जिले के डभरा में निर्मित स्टेडियम की स्वीकृति क्षेत्रीय विधायक रामकुमार यादव के प्रयासों से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। नगर पंचायत डभरा द्वारा विधिवत टेंडर प्रक्रिया के बाद ठेकेदार को निर्माण कार्य सौंपा गया, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता के मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने गंभीर दोषों के बावजूद ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया। यह सीधे तौर पर शासन के पैसों के दुरुपयोग और बंदरबांट की ओर इशारा करता है। जो स्टेडियम जिले के लिए एक मिसाल बनना था, वह आज खंडहर में तब्दील हो चुका है।
अब सवाल यह है कि क्या इस करोड़ों के भ्रष्टाचार की जांच होगी? क्या निर्माण एजेंसी, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी? डभरा नगर पंचायत की जनता निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है।




