रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन धान खरीदी में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लेकर आया, लेकिन आसंदी द्वारा ग्रहिता पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने से कांग्रेस विधायक नाराज हो गए और सदन का बहिष्कार कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की मौजूदा स्थिति से स्पष्ट है कि सरकार की मंशा किसानों से धान खरीदने की नहीं है। जानबूझकर सिस्टम को अव्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि धान खरीदी की व्यवस्था को कमजोर कर निजी हाथों में सौंपने का रास्ता बनाया जा सके।
भूपेश बघेल ने कहा कि किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर चर्चा तक से बच रही है। विपक्ष इस मुद्दे पर सदन के भीतर चर्चा चाहता था, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण मजबूरन बहिष्कार का कदम उठाना पड़ा।
विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि धान खरीदी की अव्यवस्था पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




