जशपुर। CG NEWS : जिला पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म मामले में लापरवाही बरतने पर सख्त एक्शन लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।जशपुर क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा ने घरेलू काम करा रहे एक शिक्षक पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया था।पीड़िता बाल कल्याण समिति (CWC) के पास पहुंची, जहां से उसे तत्काल कोतवाली भेजा गया। लेकिन एक तो कोतवाली में उसे अनावश्यक रूप से बैठाए रखा गया ऊपर से एफआईआर दर्ज करने में बेवजह देरी की गई।सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में बात आई और तुरंत एक्शन लिया गया।
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि नाबालिग से दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में एफआईआर में देरी गंभीर लापरवाही है, इसलिए निरीक्षक आशीष तिवारी को निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें रक्षित केंद्र जशपुर में लाइन अटैच किया गया है और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
7 दिनों में पूरी होगी जांच
एसएसपी ने इंस्पेक्टर तिवारी के विरुद्ध प्राथमिक जांच भी शुरू करा दी है। जांच अधिकारी एसडीओपी जशपुर चंद्र शेखर परमा को बनाया गया है। उन्हें 7 दिवस में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। आरोपी शिक्षक गिरधारी यादव की तलाश तेज पुलिस ने बताया कि दुष्कर्म मामले में नामजद आरोपी फरार है। उसकी तलाश तेज कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही गई है।
कांग्रेसी नेता विनयशील ने इस घटना को लेकर कहा मुख्यमंत्री के जिले में ऐसी घटना ने सुशासन के चेहरे पर कालिख पोत दी है। आरोपी टीआई को सिर्फ सस्पेंड नहीं, बर्खास्त किया जाना चाहिए। नाबालिग से दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में कोतवाली की देरी ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े किए, जिसके बाद एसएसपी ने बगैर देर किए कठोर निर्णय लिया।




