हसदेव नदी के तट पर महाआरती का आयोजन , हिंदू क्रांति सेना को मिली आयोजन की अनुमति, हिंदू क्रांति सेना की ओर से महाआरती का किया जाएगा भव्य आयोजन

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हसदेव नदी के तट पर महाआरती का आयोजन , हिंदू क्रांति सेना को मिली आयोजन की अनुमति, हिंदू क्रांति सेना की ओर से महाआरती का किया जाएगा भव्य आयोजनIMG 20251030 WA0101 IMG 20251030 WA0093 IMG 20251030 WA0095 IMG 20251030 WA0084 1 IMG 20251030 WA0097 IMG 20251030 WA0082

 

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में देव दिवाली का यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा जिसकी अनुमति हिंदू क्रांति सेना को मिल गई है । इसे लेकर श्रद्धालुओं ने विशेष तैयारी चालू कर दी है,हसदेव नदी के घाट पर लोग स्नान कर विधि विधान से दीपदान करेंगे। इसे लेकर लोगों ने अपने घरों में अपनी-अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुसार पूजा की तैयारी की है।

महाआरती का यह कार्यक्रम शाम 5 बजे से शुरू होगा जो देर रात तक चलेगा। हिंदू क्रांति सेना की ओर से बताया गया है कि 11 हजार दीप नदी के तट पर प्रज्जवलित किए जाएंगे। 21 हजार दीप दान की जाएगी। 51 लीटर दूध से हसदेव नदी का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। 51 मीटर चुनरी भेंट की जाएगी। इस महाआरती को लेकर आयोजन समिति ने बनारस से ब्राह्मणों को बुलाया जाएगा

देव दिवाली के दिन हसदेव नदी के तट पर भव्य आतिशबाजी के साथ-साथ भव्य लाइट शो, लेजर शो का आयोजन किया जाएगा । पुष्प वर्षा के साथ-साथ झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगीं। फायर बॉल शो भी रखा गया है। समिति की ओर से बताया गया है कि यह चौथा साल है जब जीवनदायिनी हसदेव नदी के तट पर कोरबा में महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। समिति ने इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है। आयोजन समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी है।

हसदेव नदी के तट पर महाआरती के समय होने वाली भीड़ को लेकर पुलिस ने अपने स्तर पर तैयारी चालू कर दी है यातायात के मार्ग को बदला जाएगा जगह-जगह पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी है। हर साल कार्तिक मास के पूर्णिमा को देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा होने के कारण देव दिवाली मनाई जाएगी। लोग नदी और सरोवरों में स्नान कर विधि-विधान से दीपदान करेंगे। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था और देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीप जलाकर देव दिवाली मनाई थी।