Home KORBA अविवाहित स्वरूप है मड़वारानी देवी का,कई जनश्रुतियां प्रचलित हैं क्षेत्र में

अविवाहित स्वरूप है मड़वारानी देवी का,कई जनश्रुतियां प्रचलित हैं क्षेत्र में

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acn18.com कोरबा /चैत्र नवरात्र पर्व यहां तय तिथि वर्ष प्रतिपदा से ही मनाए जाने की परंपरा है जबकि क्वार नवरात्र का पर्व 5 दिन बीतने के बाद। ये दरबार है देवी मड़वारानी का, जहां नवरात्र पर्व पर भक्तों की पहुच बनी हुई है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर में एक परिवार की चौथी पीढ़ी पूजा अर्चना से जुड़ी हुई है।

कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के अंतर्गत एक पहाड़ी पर देवी विराजमान हैं। उनकी पूजा अरसे से जारी है लेकिन अनुमान नही लगाया जा सका है कि यह सिलसिला चलते हुए कितने वर्स हो चुके है। चैत्र नवरात्र पर्व प्रारंभ होने के साथ यहाँ रौनक बढ़ी हुई है। दरबार मे पूजा करने वाले बताते है कि विवाह मंडप से देवी रूठ कर आ गई थीं, इसलिए नाम पड़ गया मड़वारानी। ज्ञात इतिहास के अनुसार पिछली 4 पीढ़ियों से एक परिवार देवी की पूजा करता रहा है। वर्ष में एक नवरात्र यहां पंचमी से प्रारंभ होता है और दूसरा समय पर।

मड़वारानी को लेकर सर्वमान्य तथ्य यह है कि मंदिर प्राचीन है। लोगों की कई मान्यता है। रामनवमी को हवन पूजन के साथ यहा पर्व का समापन होगा।

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