खैरागढ़। मैकाल पर्वत श्रृंखला से लगे खैरागढ़ के जंगल एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। लगभग पांच वर्षों के अंतराल के बाद खैरागढ़ के रूसे जलाशय में दुर्लभ प्रवासी पक्षी स्टेपे गल (Steppe Gull) की मौजूदगी दर्ज की गई है। पक्षी विज्ञानी और विशेषज्ञों ने इसकी पहचान की पुष्टि कर दी है, जिससे यह खोज और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार स्टेपे गल सामान्यतः समुद्री तटों पर पाया जाने वाला प्रवासी पक्षी है। भारत के मध्य क्षेत्र, विशेषकर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में इसका दिखाई देना बेहद दुर्लभ माना जाता है। ऐसे में रूसे जलाशय में इसका देखा जाना इस क्षेत्र के अनुकूल पर्यावरण और सुरक्षित आवास का संकेत देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेपे गल की मौजूदगी से यह स्पष्ट होता है कि खैरागढ़ प्रवासी और संकटग्रस्त पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थल बनता जा रहा है। उचित संरक्षण और योजनाबद्ध विकास के साथ यह क्षेत्र भविष्य में बर्ड टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकता है।




