नीतीश कुमार कैसे कमजोर होते गए,10 बड़ी घटनाएं,महिलाओं पर अटपटे बयान,नुसरत का हिजाब खींचा,20 महीने के 10 बार असहज हुई BJP JDU

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नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने वाले हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों के कारण बिहार के प्रशासनिक काम ठीक ढंग से नहीं चल रहे हैं। ऐसे में भाजपा ने उन्हें पद छोड़ने को राजी किया। या यूं कहे कि उन्होंने पटना के बजाय दिल्ली की राजनीति की तरफ रुख कर लिया है।

 

नीतीश कुमार की कुर्सी जाने के पीछे की 10 बड़ी घटनाएं, जिसने देशभर में उनकी कथित बीमारी को उजागर किया।

 

भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट…

 

CM नीतीश कुमार के 10 अटपटे व्यवहार

 

1. 15 दिसंबर 2025- नीतीश कुमार पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में मुस्लिम महिला का हिजाब खींचते दिखे। एक वीडियो में दिख रहा है कि नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र देते हुए एक मुस्लिम महिला आयुष डॉक्टर के चेहरे से हिजाब खींच रहे हैं। नीतीश कुमार के पीछे डिप्टी CM सम्राट चौधरी खड़े हैं और वीडियो में वह मुख्यमंत्री को ऐसा करते वक्त रोकते दिख रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार हंसते दिख रहे हैं।

 

2. 20 नवंबर 2025- रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद PM नरेंद्र मोदी को छोड़ने पटना एयरपोर्ट पहुंचे नीतीश कुमार ने झुककर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने का प्रयास किया, लेकिन मोदी ने तुरंत रोक लिया और वापस सीधा किया3. इससे पहले भी नीतीश कुमार ने 2 बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूने की कोशिश की थी। पहली बार 7 जून 2024 को, जब दिल्ली में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद NDA की बैठक हुई थी। दूसरी बार 13 नवंबर 2024 को जब PM मोदी दरभंगा AIIMS के शिलान्यास कार्यक्रम में आए थे। इस दौरान अपना भाषण खत्म कर CM अपनी कुर्सी की ओर जा रहे थे। बीच में रुके और PM मोदी के पैर छू लिए। 15 दिसंबर 2025। नीतीश कुमार महिला डॉक्टर का हिजाब खींचते दिखे।

 

4. 26 मई 2025- सीएम नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) एस. सिद्धार्थ के सिर पर गमला रख दिया। यह गमला IAS अफसर सिद्धार्थ ने सीएम को उनके स्वागत में भेंट किया था। मुख्यमंत्री ने उनके हाथ से पौधा लिया और उनके सिर पर ही रख दिया। इसके बाद ACS पौधा लेकर पीछे हटे और पास खड़े कर्मचारी को दे दिया। इस दौरान मंच पर मौजूद लोग हंस पड़े। मुख्यमंत्री भी मुस्कुराते नजर आए।

 

5. 20 मार्च 2025- पटना के एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान बजने के दौरान ही नीतीश कुमार हंसी-ठिठोली करते दिखे। प्रधान सचिव दीपक कुमार ने हाथ देकर सावधान मुद्रा में रहने का इशारा किया तो नीतीश पत्रकारों को प्रणाम करने लगे। 20 मार्च 2025 को नीतीश कुमार ने पाटलिपुत्र खेल परिसर में राष्ट्रगान को शुरू होने से पहले रुकवा दिया।6. 15 मार्च 2025- पटना में होली मिलन समारोह के दौरान नीतीश कुमार BJP सांसद रविशंकर प्रसाद के पैर छूने के लिए झुके। हालांकि, BJP सांसद ने मुख्यमंत्री को रोक दिया। पास खड़े JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी CM का हाथ पकड़ा। इसके बाद नीतीश कुमार ने रविशंकर को गले लगा लिया। नीतीश कुमार रविशंकर प्रसाद से 4 साल बड़े हैं।

 

7. 30 जनवरी 2025- पटना में भी महात्मा गांधी के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। यहां नीतीश, बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद ताली बजाने लगे। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने उन्हें रोका।

 

8. 30 नवंबर 2024- विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन नीतीश कुमार सदन में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी के ब्रेसलेट से खेलने लगे। CM का ये अंदाज देकर मंत्री अशोक चौधरी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

 

9. 15 अक्टूबर 2024- गांधी मैदान में दशहरा पर रावण वध समारोह का आयोजन हुआ। इसमें नीतीश ने रावण पर चलाने के लिए दिए गए तीर-धनुष को फेंक दिया।

 

10. 21 सितंबर 2024- नीतीश कुमार मंत्री अशोक चौधरी के कंधे पर सिर रखकर उनसे लिपट गए थे। नीतीश ने कहा था- ‘हम इनसे बहुत प्रेम करते हैं।’तेजस्वी का दावा- नीतीश को डिमेंशिया बीमारी

 

राबड़ी देवी को विधान परिषद में लड़की बोलने पर भड़के तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डिमेंशिया और अल्जाइमर पीड़ित मरीज बताया।

 

9 फरवरी को X पर पोस्ट कर तेजस्वी ने लिखा, ‘डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है, जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं।’तेजस्वी ने डिमेंशिया बीमारी क्यों कहा, नीतीश में उसके लक्षण हैं क्या

 

अल्जाइमर्स एंड डिमेंशिया एसोसिएशन के जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 88 लाख लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं।

 

द लैंसेट पब्लिक हेल्थ के मुताबिक, यह संख्या 2050 तक बढ़कर 1 करोड़ 14 लाख तक हो सकती है।

 

डिमेंशिया एक ऐसी कंडीशन है, जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है। इससे याद रखने की क्षमता, सोचने की क्षमता और सामान्य व्यवहार में मुश्किल होने लगती है।

 

इसके सबसे आम लक्षण मेमोरी लॉस होता है। आदमी भूल जाता है कि वह क्या कर रहा है।

 

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति फ्लो में किसी से बात नहीं कर सकता। वह बीच-बीच के शब्द भूल जाता है। अगर वह लिखा हुआ पढ़ रहा है तो रुक-रुककर पढ़ता है।

 

आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर 60 साल से ज्यादा उम्र में इसका जोखिम सबसे ज्यादा होता है।

 

देशभर में नीतीश की हो रही थी आलोचना

 

अलग-अलग घटनाओं पर विपक्ष नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना कर रहा था। इससे भाजपा के सामने असहज स्थिति थी।हालिया नीतीश कुमार के हिजाब खींचने को विपक्ष ने मानसिक बीमारी बताया और इस्तीफे की मांग की थी। कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी विरोध जताया है।

 

शेयर

 

26 मई 2025 की इस घटना पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने वीडियो शेयर करते हुए X पर लिखा था- ‘दिमाग पर हो चुका विक्षिप्तपन का हमला। चाचा रख दे रहे हैं अपने अधिकारी के माथे पर गमला।’

 

हिजाब प्रकरण पर विपक्ष के हमले पढ़िए…

 

कांग्रेस ने X अकाउंट से वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था, ‘बिहार के सबसे बड़े पद पर बैठा हुआ आदमी सरेआम ऐसी हरकत कर रहा है। सोचिए राज्य में महिलाएं कितनी सुरक्षित होंगी? नीतीश कुमार को इस घटिया हरकत के लिए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। ये घटियापन माफी लायक नहीं है।’

 

RJD ने X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, ‘नीतीश जी को यह क्या हो गया है? मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अबRJD ने X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, ‘नीतीश जी को यह क्या हो गया है? मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है।’ RJD ने पूछा- नीतीश जी संघी हो गए हैं क्या।

 

श्रीनगर की मुस्लिम महिला नेता जायरा वसीम ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार से बिना शर्त माफी की मांग की थी। उन्होंने X पर लिखा था, ‘महिलाओं की गरिमा और मर्यादा कोई खिलौना नहीं हैं, जिससे खिलवाड़ किया जा सके। खासकर सार्वजनिक मंच पर तो बिल्कुल नहीं।’

 

देवबंदी मौलबी कारी इसहाक़ गोरा ने कहा था, ‘इसे देखकर केवल मेरा ही नहीं पूरे देश की जनता का खून खौल उठा होगा। आप एक तरफ महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक महिला का अपमान करते दिख रहे हैं। इस मामले में नीतीश कुमार को पूरे देश की महिलाओं से माफी मांगनी होगी।’

 

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सपा सांसद इकरा हसन ने कहा था, ‘शर्मनाक। एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना उसकी गरिमा और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है। जब राज्य का मुख्यमंत्री ऐसा करे तो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजमी है।’

 

JKPDP की प्रेसिडेंट महबूबा मुफ्ती ने कहा था, ‘एक युवती का नकाब खींचते हुए देखकर मुझे गहरा सदमा लगा। ये बुढ़ापे का असर है या फिर मुसलमानों को सार्वजनिक अपमान। नीतीश साहब, शायद अब आपके पद छोड़ने का समय आ गया है।’