जांजगीर चांपा . सामान्य बात यही है कि स्कूलों में विद्यार्थियों को पठन-पाठन से जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। बीच के कुछ समय में खेलकूद जैसी गतिविधियों में उन्हें संलग्न किया जा सकता है। इसके अलावा और कोई काम विद्यार्थियों से नहीं कराया जाना चाहिए। इसके ठीक विपरीत जांजगीर चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के अंतर्गत भदरा गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं श्रम करने को मजबूर हैं। उन्हें यहां पर झाड़ू लगानी पड़ती है तो कभी निर्माण कार्य के दौरान मलवा हटाना पड़ता है। ऐसी ही एक सूचना पर जब छात्राएं काम करते नजर आई। प्राचार्य मनोज प्रभाकर से पूछा गया कि यह सब क्या तो वह हस्तक्षेप करने के मूड में आ गए।



