EXCLUSIVE: पुलिस विभाग की गाड़ियों पर बड़ा खुलासा, एक साल में पेट्रोल-डीजल- मरम्मत पर 350 करोड़ खर्च

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृह विभाग और पुलिस विभाग में वाहनों के उपयोग को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। Acn news को मिले दस्तावेजों के अनुसार महज एक साल से भी कम समय में पुलिस विभाग ने किराए के वाहन, ईंधन, मरम्मत और अन्य मदों में मिलाकर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। इस खुलासे के बाद विभागीय खर्च और वाहन प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग ने इस अवधि में कुल 61,347 वाहन किराए पर लिए, जिन पर लगभग 130 करोड़ रुपये खर्च किए गए। आंकड़ों के अनुसार राजधानी Raipur पुलिस ने किराए की गाड़ियों पर करीब 15.51 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं नक्सल प्रभावित जिले Bijapur में यह खर्च और भी अधिक सामने आया, जहां पुलिस ने करीब 26.30 करोड़ रुपये किराए के वाहनों पर खर्च किए। इसके अलावा Narayanpur जिले में भी बड़ी संख्या में वाहन किराए पर लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे वहां भी खर्च काफी ज्यादा रहा।
वाहनों के किराए के अलावा ईंधन और रखरखाव पर भी बड़ी राशि खर्च की गई। सरकारी और निजी वाहनों के लिए डीजल और पेट्रोल पर करीब 148 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं वाहनों की मरम्मत और रखरखाव के नाम पर करीब 41 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त अन्य मदों में भी करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो वाहन व्यवस्था पर हुआ यह खर्च करीब 350 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इतने बड़े खर्च के सामने आने के बाद अब पुलिस विभाग और गृह विभाग की वाहन व्यवस्था, निगरानी और खर्च के तरीके को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े बजट के खर्च की पारदर्शिता और ऑडिट बेहद जरूरी है, ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।







