रायपुर। IndiGo Crisis : इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट रद्द और लेट होने शनिवार 6 दिसबंर को भी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट रद्द हैं, जबकि कई देर से उड़ान भरने वाली हैं। कई यात्री रायपुर एयरपोर्ट पर 24 घंटे से अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि 5 दिसंबर 2025 को रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली इंडिगो की 20 फ्लाइट रद्द रहीं. जानकारी के मुताबिक क्रू और पायलटों की भारी कमी के कारण दिल्ली की 5, मुंबई की 3, गोवा, इंदौर, कोलकाता सहित कुल 20 अप-डाउन उड़ानें रद्द कर दी गईं।
इंडिगो काउंटर पर जमकर हंगामा
उड़ानें रद्द होने से सुबह 6 बजे से रात तक एयरपोर्ट पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मची रही और नाराज यात्रियों ने इंडिगो काउंटर पर जमकर हंगामा किया। इंडिगो ऐप पर फ्लाइट का स्टेटस ‘ऑन टाइम’ दिख रहा था, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला कि उड़ान कई घंटे पहले ही रद्द हो चुकी है। रायपुर से हैदराबाद और चेन्नई जाने वाले 100 से ज्यादा यात्रियों को 24 घंटे से ज्यादा समय तक एयरपोर्ट पर फ्लाइट के लिए इंतजार करना पड़ा।
कई यात्री तो ऐसे थे जो दिल्ली-मुंबई से विदेश की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले थे, लेकिन अब उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी खतरे में पड़ गई। सुबह से ही एयरपोर्ट पर तनाव का माहौल है। यात्रियों में गुस्सा इतना था कि एयरपोर्ट पर इंडिगो स्टाफ से यात्रियों की तीखी बहस हुई और कई बार काउंटर पर धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई।
DGCA ने पायलट रेस्ट नियम वापस लिए
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयलाइंस, खासकर इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी राहत दी है। वीकली रेस्ट के बदले कोई भी छुट्टी नहीं देने के फैसले को वापस ले लिया।
इंडिगो का दावा है कि इस नियम की वजह से पायलटों और अन्य स्टाफ की कमी हुई थी और पूरा ऑपरेशन प्रभावित हुआ। इसे दुरुस्त करने समय लगेगा। DGCA ने 1 नवंबर से पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियम, फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) का दूसरा फेज लागू किया था। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ था।
FDTL के दूसरे फेज के नियमों में, एयरलाइन कंपनियों के लिए पायलटों को हफ्ते में 48 घंटे आराम, यानी दो दिनों का वीकली रेस्ट देना अनिवार्य कर दिया था। इस दौरान किसी छुट्टी को वीकली रेस्ट गिनने पर रोक लगा दी थी। DGCA ने पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के लगातार नाइट शिफ्ट पर भी पाबंदी लगाई थी।
नए नियमों में वीकली रेस्ट और छुट्टियों को अलग-अलग मानने का प्रावधान था। यह नियम पायलटों और अन्य क्रू के थकान को कम करने के लिए बनाया गया था। हालांकि, अब क्रू को पहले की तरह हर हफ्ते में लगातार 36 घंटे का आराम मिलेगा।




