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गैस किल्लत के बाद लौटा मिट्टी तेल का युग : छत्तीसगढ़ में 63.50 रुपए लीटर के हिसाब से देने की तैयारी

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राशन दुकानों में जल्द केरोसिन मिलेगा, 63.50 रुपए लीटर के हिसाब से हितग्राहियों को उपलब्ध कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

रसोई गैस और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत के बीच शासन ने एक बार फिर केरोसिन की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी की है। केंद्र के आदेश के बाद राज्य शासन ने इसे लेकर सभी जिलों में सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। दुर्ग जिले में में भी इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सबसे पहले शहरी क्षेत्रों की राशन दुकानों में केरोसिन उपलब्ध कराने की तैयारी है। हर राशनकार्ड में दो लीटर मिट्टी का तेल यानी केरोसिन दिया जाना है। इसके लिए राशन दुकानों से डिमांड मांगा जा रहा है।

डिमांड के अनुरूप ही सप्लाई की जाएगी। शासन ने इस बार प्रति लीटर के हिसाब से केरोसिन की कीमत करीब 63.50 रुपए निर्धारित की है। इस दर पर ही केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसे लेकर जल्द ही शहरी क्षेत्रों में दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों की बैठक भी बुलाई जानी है। सभी दुकानदारों को हितग्राहियों को वितरित करने के लिए कम से कम एक-एक हजार लीटर कैरोसीन जारी किया जाना है।

दुकानों में स्टॉक बोर्ड में प्रतिदिन के स्टॉक की एंट्री दर्शानी होगी। हितग्राहियों को केरोसिन वितरण के बाद रजिस्टर में उनकी एंट्री और हस्ताक्षर भी कराने के लिए कहा गया है। जिले में इस समय 568 राशन दुकानें संचालित हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत से ज्यादा शहरी क्षेत्र में संचालित हैं, जहां कोर पीडीएस लागू है। इन दुकानों मे कैरोसीन सप्लाई की तैयारी की जा रही है।

प्रत्येक कार्डधारक को देना है 2-2 लीटर केरोसिन 
जानकारी के मुताबिक जारी किए गए निर्देश के तहत प्रत्येक कार्डधारक को अधिकतम 2 लीटर केरोसिन ही मिलेगा। किसी भी हितग्राही को इससे अधिक कैरोसीन का वितरण नहीं करना होगा। आवंटन के अनुसार कम से कम प्रत्येक दुकानदार को एक हजार लीटर केरोसिन रखना है। जरुरत वाले दुकानों से डिमांड मंगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य किया जाना है। फिलहाल किसी भी राशन दुकान ने डिमांड नहीं भेजी है। इस वजह से मामला अटका हुआ है। जल्द ही राशन दुकानदारों की बैठक बुलाकर उन्हें इस बारे में जानकारी दी जाएगी।

8 महीने पहले 100 रुपए के पार पहुंच गई थी कीमत
जानकारी के मुताबिक केरोसिन अब राशन दुकानों में नहीं के बराबर उपलब्ध है। वर्ष 2018 में उज्जवला गैस योजना लागू होने के बाद इसकी सप्लाई कम कर दी गई। इसके साथ ही कैरोसीन के दामों में बेतहाशा वृद्धि देखी गई। इस वजह से लोगों ने भी केरोसिन लेना कम कर दिया। डिमांड नहीं आने के कारण इसकी सप्लाई ही रोक दी गई।

8 महीने पहले करीब 101 रुपए प्रति लीटर तक केरोसिन की कीमत पहुंच गई थी। इसके बाद राशन दुकानदारों ने केरोसिन की डिमांड करना ही बंद कर दिया। कुछ दुकानों में हितग्राही लगातार केरोसिन की मांग करते रहे, लेकिन कीमत की वजह से दुकानदारों ने ऑर्डर ही नहीं भेजा। अब एक बार भी राशन दुकानों से कैरोसीन की सप्लाई की तैयारी है।

एपीएल को छोड़कर सभी कार्डधारी को मिलेगा कैरोसीन

कार्ड ग्रामीण शहरी कुल
अंत्योदय 27783  47992 75775
निराश्रित 1141 793 1934
प्राथमिक 157398 143673 301071
निशक्तजन 1686 297 2983
एपीएल 100252 115932 203688
कुल 203688 294007 497695

शासन के आदेश के अनुसार किया जाएगा कार्य
दुर्ग खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि, केरोसिन को लेकर शासन से गाइडलाइन जारी की गई है। इसके लिए डिमांड आने पर राशन दुकानों को केरोसिन की सप्लाई की जानी है। निर्धारित दरों पर यह राशन दुकानों में उपलब्ध होगा। प्रारंभिक रूप से शहर की दुकानों में कैरोसीन उपलब्ध कराया जाना है।