अनाथ बेटी का हाथ थामा विद्युत कर्मी ने , बाल गृह में हुआ वैदिक रीति रिवाज से विवाह , समाज के लोग पहुंचे शादी समारोह में

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अनाथ बेटी का हाथ थामा विद्युत कर्मी ने

बाल गृह में हुआ वैदिक रीति रिवाज से विवाह

समाज के लोग पहुंचे शादी समारोह मेंIMG 20260225 WA0103 IMG 20260225 WA0105

अनाथ बच्ची बाल गृह में पढ़ लिखकर बड़ी हुई तो उसे साथ मिल गया विद्युत मंडल में कार्यरत अनिल का। दोनों का विवाह वैदिक रीति रिवाज से संपन्न हुआ ।इन्हें आशीर्वाद देने विभिन्न समाज के प्रतिष्ठित लोग बाल गृह परिसर पहुंचे

कोरबा के बाल गृह में रहकर जिंदगी बसर करने वाली बिंदु को सात जन्मों तक साथ निभाने वाला अनिल मिल गया दोनों ने हिंदू रीति रिवाज से अग्नि के फेरे लिए। इससे पहले अनिल और बिंदु की सगाई व मेहंदी रस्म निभाई गई, जिसमें शहर के अन्य गणमान्य नर नारियों ने भाग लिया

25 फरवरी को अनिल और बिंदु ने दांपत्य जीवन को विधि विधान के साथ स्वीकार किया। आशीर्वाद समारोह में समाज के लोगों ने पहुंचकर दोनों को आशीष दिया  बाल गृह की संचालिका श्रीमती रुक्मणी नायर ने बताया कि उसके इस केंद्र में कोरबा चांपा जांजगीर और शक्ति जिले की अपेक्षित शोषण और प्रताड़ित बालिकाएं आती हैं उन्हें 18 वर्ष की उम्र तक पनाह दी जाती है। इन्हें रहने खाने पीने की व्यवस्था के साथ शिक्षा भी प्रदान की जाती है और फिर नौकरी विवाह अथवा किसी के साथ वैधानिक रूप से रहने के लिए इन्हें भेज दिया जाता है। रुक्मणी ने बताया कि उसके केंद्र में रहने वाली बालिकाओं में यह छठवीं कन्या है जिसका हम लोगों ने विवाह संपन्न कराया है रुक्मणी ने बताया की बिंदु का हाथ थामने वाला अनिल छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी में स्थाई कर्मचारी है उसने स्वयं बिंदु का चयन किया और सब ने मिलकर बिंदु को दांपत्य जीवन में प्रवेश कराया  बहरहाल रुक्मणी नायर और उनकी टीम द्वारा किए गए नेक कार्य की जितने भी प्रशंसा की जाए कम है। इस स्वार्थी युग में किसी और की लख्तेजिगर की जिंदगी में खुशियों के रंग भरने के लिए बिरले लोग ही सामने आ रहे हैं। जिन लोगों ने भी इस शादी में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से अपनी भूमिका निर्वहित की है उन्हें ग्रैंड एसीएन न्यूज़ परिवार की ओर से साधुवाद