Acn18.com/अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था। वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया। देर रात तक चर्चा के बाद आज सुबह इस बिल को लोकसभा से पारित कर दिया गया।
रिजिजू ने कहा- संशोधित बिल में मुसलमानों के धार्मिक क्रियाकलापों में किसी तरह का हस्तक्षेप कोई गैर मुस्लिम नहीं करेगा। हमने ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी, एक्यूरेसी पर केंद्रित बदलाव किए हैं। हम किसी की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने के लिए नहीं हैं। गरीब मुसलमानों को न्याय मिले, हमारा यही उद्देश्य है।
विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा- बीजेपी को लोकसभा चुनाव में मेजॉरिटी नहीं मिली। इसलिए ये पोलराइजेशन करना चाह रहे हैं। सभी जानते हैं कि देश में कौन ध्रुवीकरण करता है। बिल मुस्लिमों के खिलाफ है। ये बिल मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन पर है। पूरा गोदी मीडिया इसमें लग गया।
ये लोग जितने अमेंडमेंट्स लाए हैं, वो संविधान के खिलाफ हैं। ये वन नेशन, वन लॉ बोलते हैं, लेकिन इसे वॉयलेट करते हैं। देश में जितने हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई हैं, सबके लिए एक कानून होना चाहिए। ये लोग भेदभाव कर रहे हैं। मैं दावे के साथ कहता हूं कि बिल टारगेटेड है। आप जिस तरह के कानून लेकर आ रहे हैं, वे धर्म के आधार पर हैं।
12 घंटे की चर्चा के बाद कल लोकसभा से बिल पास
इससे पहले लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज यह बिल राज्यसभा में पेश होगा।
चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ दिया। उन्होंने कहा- इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं। बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है।